आधुनिक भारत में नारी व बहुजन शिक्षा की अग्रदूत,राष्ट्रमाता फातिमा शेख
उन्नीसवीं सदी का भारत जब सामाजिक संकीर्णताओं, वर्ण-व्यवस्था, पितृसत्तात्मक जकड़न और अज्ञानता के घोर अंधकार में डूबा हुआ था, तब समाज के हाशिए पर खड़े शूद्रों, अति-शूद्रों, वंचितों और आधी…
