मेरिट पर आरक्षित वर्गों का संवैधानिक हक: अन्यायी व्यवस्था पर न्यायिक प्रहार और बहुजन चेतना का उद्घोष
आमुख: हक की लड़ाई और संवैधानिक न्याय लोकतांत्रिक व्यवस्था में संविधान केवल नियमों की पुस्तक नहीं, बल्कि बहुजन और वंचित समाज के आत्मसम्मान, समता और अस्तित्व की ढाल है। दशकों…
