“बहुजन वंचित समाज के विकास में रुकावट बनी रूढ़िवादी सोच और परम्पराओं का प्रभाव!?’
मानवीय जीवन से बढ़कर परम्पराओं का कोई स्थान नहीं हो सकता—यह बात जितनी सरल है, उतनी ही गहरी भी। बहुजन वंचित समाज के संदर्भ में यह प्रश्न और अधिक महत्वपूर्ण…
मानवीय जीवन से बढ़कर परम्पराओं का कोई स्थान नहीं हो सकता—यह बात जितनी सरल है, उतनी ही गहरी भी। बहुजन वंचित समाज के संदर्भ में यह प्रश्न और अधिक महत्वपूर्ण…
लेखकसोहनलाल सिंगारियासामाजिक विचारक एवं विश्लेषक, ब्यावर प्रस्तावना अंतर्मन की वेदना और एडवोकेट राकेश जयपाल लवेरा पोकरण की वह पुकारआज बहुजन समाज के वैचारिक धरातल पर एक अजीब सी बेचैनी व्याप्त…
बहुजन वंचित समाज के संदर्भ में “सच्चा मर्द” केवल एक शारीरिक पहचान नहीं, बल्कि एक गहरी सामाजिक, नैतिक और वैचारिक परिभाषा है। यह वह व्यक्ति है जो अपने अतीत की…
अजमेर/ब्यावर। भारतीय संविधान के अप्रतिम शिल्पी, आधुनिक भारत के निर्माता और करोड़ों वंचितों के एकमात्र मसीहा भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जन्म जयंती की पूर्व संध्या…
राजस्थान सरकार द्वारा शुरू किया गया “सार्थक नाम अभियान” केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। यह अभियान उन बच्चों को…
“ज्ञान के लिए कोई उम्र नहीं होती”—यह विचार यूनान (ग्रीस) के महान दार्शनिक Epicurus का है, जो आज से लगभग 2300 वर्ष पहले हुए थे। उन्होंने कहा था—“युवावस्था में ज्ञान…
14 अप्रैल—डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती—भारत में सामाजिक समानता, शिक्षा, न्याय और बंधुत्व के प्रतीक दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस अवसर पर अनेक अंबेडकरवादी संगठन रक्तदान शिविर…
मैं वंचित समाज में जन्मा , अब 21 बसंत देख लिए हैं।यह बात मुझे किसी ने बताई नहीं, समय ने हर दिन समझाई।बचपन में जब बाकी बच्चे नाम से पुकारे…
भूमिका14 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती देशभर में अभूतपूर्व उत्साह, जुलूसों, सेमिनारों और सभाओं के साथ मनाई गई। यह केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि सामाजिक…
सांचौर । शहर में 14 अप्रैल को अम्बेडकर सेवा समिति के तत्वावधान में अम्बेडकर जयंती बड़े धूमधाम एवं हर्षौल्लास के साथ मनाई गई। अम्बेडकर सेवा समिति के अध्यक्ष नरेश पातलिया…