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सोशल मीडिया के बनावटी सौंदर्य-मापदंडों से आगे बढ़कर महिला की गरिमा और प्राकृतिक रूप को स्वीकारना होगा!

भूमिका— स्त्री की सुंदरता को समाज ने सदियों से अलग-अलग कसौटियों पर परखा है। सौन्दर्यम् (सुंदरता) केवल चेहरे की बनावट नहीं, बल्कि उसके व्यक्तित्व की गरिमा भी है। भारतीय और…

समर्पण संस्था द्वारा 11वाँ “ग्लोबल समर्पण समाज गौरव 2026’’ अवार्ड समारोह 22 को संस्था पदाधिकारियों ने किया पोस्टर का विमोचन

जयपुर(सुरेन्द्र सिंह हरसोलिया)। मानवता व परोपकार के लिए समर्पित समर्पण संस्था की ओर से 11वाँ “ग्लोबल समर्पण समाज गौरव 2026“ अवार्ड समारोह आगामी 22 नवम्बर को जयपुर में आयोजित किया…

डिजिटल युग में क्षणिक कौतूहल और हमारी निजता, AI फोटो ट्रेंड्स की वास्तविकता, जोखिम और सजगता आमुख: तकनीक का आकर्षण और अनदेखी कीमतें

21वीं सदी के डिजिटल परिदृश्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – AI) मानव जीवन के प्रत्येक आयाम को गहराई से प्रभावित कर रही है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया…

उम्र का अधिकार नहीं, व्यवहार का सम्मान: बदलते भारत में परिवार और पीढ़ियों के रिश्तों की नई कसौटी

भूमिका भारत की हर पीढ़ी अपने समय की परिस्थितियों से सीखकर आगे बढ़ती है।धैर्य (कठिन समय में मन को स्थिर रखना) पहले परिवारों की बड़ी पूँजी हुआ करता था।हमारे बुजुर्ग…

बहुजन और वंचित समाज में बदलती पीढ़ियों के बीच 40–45 की उम्र में सम्मान से जीने की नई राह!

भूमिका बहुजन और वंचित समाज की पिछली पीढ़ियों ने जीवन कठिन परिस्थितियों में सीखा।विवेक (सही-गलत की पहचान) उनके लिए केवल शब्द नहीं, जीवन का सहारा था।बड़ों की बात को गंभीरता…

गुलामगिरी: बहुजन वैचारिकी, ऐतिहासिक विखंडन और सामाजिक मुक्ति का अमर घोषणापत्र

“विद्या (शिक्षा) के बिना बुद्धि गई, बुद्धि के बिना नीति गई, नीति के बिना गति (विकास/प्रगति) गई, गति के बिना वित्त (धन/संपत्ति) गया, और वित्त के बिना शूद्र लाचार व…

जैसलमेर के लाल दमाराम मेघवाल का राष्ट्रीय सम्मान, शिरडी में मिला समाजसेवा शिरोमणि पुरस्कार

जैसलमेर। भानु सेवा संस्थान के संरक्षक और फलोदी-जैसलमेर के समाजसेवी दमाराम मेघवाल को शिरडी, महाराष्ट्र में आयोजित 26वें अखिल भारतीय प्रतिभा महासम्मेलन में “समाजसेवा शिरोमणि पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।…

बहुजन भारत बनाम सवर्ण प्रभुत्व: 47201 विभाजनों का समाजशास्त्रीय विखंडन, आर्थिक शोषण का यथार्थ और मूलनिवासी मुक्ति का घोषणापत्र

प्रस्तावना:ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, अवधारणात्मक आधार और समस्या का स्वरूप भारतीय उपमहाद्वीप का सामाजिक इतिहास केवल सांस्कृतिक विकास का विवरण नहीं है; यह सत्ता, ज्ञान, उत्पादन के साधनों और मानवीय गरिमा पर…

ओजस्वी के सेवानिवृती पर भीलवाडा के मोहनी देवी देवंदा आदि ने किया सम्मान

चितोडगढ । प्रशासनिक अधिकारी जोधपुर व जिलाध्यक्ष भारतीय दलित साहित्य अकादमी चितोडगढ तथा जिला प्रवक्ता समता सैनिक दल जोधपुर, स्वतंत्र लेखकमदन सालवी ओजस्वी के राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने पर…

मिलन की मुस्कान, बिछड़ने का दर्द और सेवा का संकल्प—पुरानी दोस्ती ने रची नई शुरुआत!

अजमेर। सरोवर पोर्टिको, पृथ्वीराज मार्ग में 5 एवं 6 सितंबर को 1974 से 1977 बैच के बी.कॉम. विद्यार्थियों का गोल्डन जुबली पुनर्मिलन समारोह भावनाओं, आत्मीयता और पुरानी स्मृतियों से सराबोर…