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बहुजन और वंचित को विरासत में मिला डर कब सुरक्षा से बदलकर अपनों की स्वतंत्रता पर नियंत्रण बन जाता है?

भूमिकावंचित बहुजन समाज ने सदियों तकअपमान, अभाव और असुरक्षा झेली है।धैर्य संघर्ष में टिके रहने की ताकत देता रहा।जब बाहर की दुनिया भरोसे के योग्य नहीं रही, परिवार ही सुरक्षा…

पेरियार एवं अनागरिक धर्मपाल बौद्ध की जयंती समारोह संपन्न

मकराना। समता सैनिक दल तहसील शाखा मकराना के तत्वावधान में आज दिनांक 17/ 9 /2026 वार गुरुवार को Budsu स्थित समता सैनिक दल के कार्यालय में रामास्वामी पेरियार एवं अनागरिक…

छठी बार रक्तदान कर मूलाराम ने निभाया सामाजिक सरोकार

फलोदी। विकसित भारत जन सेवा के राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत भानु सेवा संस्थान, फलोदी के ब्रांड स्पॉन्सर एवं राजस्थान पुलिस में सहायक उप निरीक्षक (ASI) पद पर नाचना में पदस्थापित…

प्रशासनिक अधिकारीमदन सालवी ओजस्वी केजोधपुर से सेवानिवृत्त होने पर मंत्रालयिक पदाधिकारीगण द्वारा किया गया स्वागत सम्मान

चितौडगढ । चितौडगढ निवासी जोधपुर में सेवारत प्रशासनिक अधकारी मदन सालवी ओजस्वी के सेवानिवृत होने व चितौडगढ पहूंचने परराजसमंद अजाक जिलाध्यक्ष तुलसीराम सालवी तथामंत्रालयिक सेवा के जिलाध्यक्ष राकेश मोडतथा साथी…

सोशल मीडिया के बनावटी सौंदर्य-मापदंडों से आगे बढ़कर महिला की गरिमा और प्राकृतिक रूप को स्वीकारना होगा!

भूमिका— स्त्री की सुंदरता को समाज ने सदियों से अलग-अलग कसौटियों पर परखा है। सौन्दर्यम् (सुंदरता) केवल चेहरे की बनावट नहीं, बल्कि उसके व्यक्तित्व की गरिमा भी है। भारतीय और…

समर्पण संस्था द्वारा 11वाँ “ग्लोबल समर्पण समाज गौरव 2026’’ अवार्ड समारोह 22 को संस्था पदाधिकारियों ने किया पोस्टर का विमोचन

जयपुर(सुरेन्द्र सिंह हरसोलिया)। मानवता व परोपकार के लिए समर्पित समर्पण संस्था की ओर से 11वाँ “ग्लोबल समर्पण समाज गौरव 2026“ अवार्ड समारोह आगामी 22 नवम्बर को जयपुर में आयोजित किया…

डिजिटल युग में क्षणिक कौतूहल और हमारी निजता, AI फोटो ट्रेंड्स की वास्तविकता, जोखिम और सजगता आमुख: तकनीक का आकर्षण और अनदेखी कीमतें

21वीं सदी के डिजिटल परिदृश्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – AI) मानव जीवन के प्रत्येक आयाम को गहराई से प्रभावित कर रही है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया…

उम्र का अधिकार नहीं, व्यवहार का सम्मान: बदलते भारत में परिवार और पीढ़ियों के रिश्तों की नई कसौटी

भूमिका भारत की हर पीढ़ी अपने समय की परिस्थितियों से सीखकर आगे बढ़ती है।धैर्य (कठिन समय में मन को स्थिर रखना) पहले परिवारों की बड़ी पूँजी हुआ करता था।हमारे बुजुर्ग…

बहुजन और वंचित समाज में बदलती पीढ़ियों के बीच 40–45 की उम्र में सम्मान से जीने की नई राह!

भूमिका बहुजन और वंचित समाज की पिछली पीढ़ियों ने जीवन कठिन परिस्थितियों में सीखा।विवेक (सही-गलत की पहचान) उनके लिए केवल शब्द नहीं, जीवन का सहारा था।बड़ों की बात को गंभीरता…

गुलामगिरी: बहुजन वैचारिकी, ऐतिहासिक विखंडन और सामाजिक मुक्ति का अमर घोषणापत्र

“विद्या (शिक्षा) के बिना बुद्धि गई, बुद्धि के बिना नीति गई, नीति के बिना गति (विकास/प्रगति) गई, गति के बिना वित्त (धन/संपत्ति) गया, और वित्त के बिना शूद्र लाचार व…