“डर और दबाव की शिक्षा: प्राइवेट स्कूलों के गलत इरादे और बच्चों का भविष्य खतरे में!?”
आज के समय में शिक्षा का स्वरूप चिंताजनक रूप से बदलता जा रहा है, जहाँ ज्ञान का स्थान ‘खौफ़’ (डर) और ‘प्रेशर’ (दबाव) ने ले लिया है। प्राइवेट स्कूलों में…
आज के समय में शिक्षा का स्वरूप चिंताजनक रूप से बदलता जा रहा है, जहाँ ज्ञान का स्थान ‘खौफ़’ (डर) और ‘प्रेशर’ (दबाव) ने ले लिया है। प्राइवेट स्कूलों में…
राजनीति को अक्सर एक ऐसा खेल माना जाता है जिसमें चालाक लोग अपनी रणनीतियों से जीत हासिल करते हैं, जबकि आम लोग केवल चर्चा में उलझे रहते हैं। बहुजन वंचित…
वाल्मीकि समाज के सफ़ाई कर्मी भाईयों एवम बहनों को सादर समर्पित लेखकसोहनलाल सिंगरियासामाजिक-आर्थिक चिन्तक डिस्क्लेमरयह लेख पूर्णतः सामाजिक विश्लेषण, मानवीय संवेदनाओं और अंतरराष्ट्रीय तुलनात्मक अध्ययन पर आधारित है। इसका उद्देश्य…
सांचौर । क्षेत्र के कूड़ा स्थित शिव बाल निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में बोर्ड परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस…
जैसलमेर । “रक्तदान – महादान” की भावना को साकार करते हुए भानु सेवा संस्थान के सक्रिय सदस्य एवं रक्तवीर प्रेम कुमार भाटिया ने एक बार फिर मानवता की अनूठी मिसाल…
आज जब हम अपने आसपास की दुनिया को देखते हैं, तो खबरों और चर्चाओं का एक अलग ही मंजर (दृश्य) दिखाई देता है। लेकिन यदि हम थोड़ी देर के लिए…
भूमिकाबहुजन वंचित समाज को समझने वाले व्यक्तियों की मनोदशा केवल सहानुभूति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह एक गहरा, अनदेखा और अनसुना आत्मिक बंधन बन जाती है। वे उन दर्दों…
बहुजन वंचित समाज का जीवन अक्सर अभाव, अपमान और सामाजिक तिरस्कार से शुरू होता है। जन्म के साथ ही उसे हीनता का बोझ सौंप दिया जाता है, जैसे उसकी नियति…
लेखक: सोहनलाल सिंगरियासामाजिक-आर्थिक चिन्तक, ब्यावर प्रस्तावना: एक युग परिवर्तन का शंखनादभारतीय इतिहास के फलक पर कुछ ऐसे व्यक्तित्व उभरते हैं, जो न केवल समाज की दिशा बदलते हैं, बल्कि सदियों…
लेखकसोहनलाल सिंगारियासामाजिक-आर्थिक चिन्तक, ब्यावर भारतीय इतिहास के पन्नों में कुछ ऐसे नायक भी हुए हैं जिनकी गर्जना ने, न केवल सत्ता की चूलें हिला दीं, बल्कि सदियों से सोए हुए…