बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई

सांचौर । शहर में 14 अप्रैल को अम्बेडकर सेवा समिति के तत्वावधान में अम्बेडकर जयंती बड़े धूमधाम एवं हर्षौल्लास के साथ मनाई गई। अम्बेडकर सेवा समिति के अध्यक्ष नरेश पातलिया…

भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी, जयपुर ने मनाई डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती

जयपुर (सुरेन्द्र सिंह हरसोलिया)। भारतीय संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक, भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती महोत्सव धीरावत पैराडाइज, नांगल जैसा बोहरा में मुख्य अतिथि पूर्व भू-भौतिकी वैज्ञानिक, विचारक…

समता सैनिक दल का तीन दिवसीय अंबेडकर जयंती कार्यक्रम संपन्न

मकराना। ग्राम बूडसू में अंबेडकर जयंती का तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ 12 अप्रैल को अंबेडकर अभिज्ञान प्रतियोगी परीक्षा, 13 अप्रैल को 7:30 बजे से अंबेडकर भीम संध्या एवं 14…

“85% बहुजन संघर्ष और पीड़ा से दूरी बनाता मीडिया, क्या यही है निष्पक्ष पत्रकारिता का असली चेहरा!?”

भूमिका14 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पूरे देश में अभूतपूर्व उत्साह और जनभागीदारी के साथ मनाई गई। गांव से लेकर महानगरों तक, नीले झंडों, रैलियों, शोभायात्राओं…

अवकाश कटौती के विरोध में रेसला द्वारा ज्ञापन

सरदारशहर। राजस्थान सेवा प्राध्यापक संघ रेसला द्वारा ब्लॉक अध्यक्ष पवन पारीक के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी महोदय को मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एव अतिरिक्त मुख्य सचिव के नाम ग्रीष्मकालीन अवकाश कटौती…

“बहुजन समाज की खबरों की उपेक्षा, क्या मुख्यधारा मीडिया में नफरत और पक्षपात का संकेत?”

14 अप्रैल 2026 को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर पूरा बहुजन समाज जाग उठा था। नीले झंडों की लहरें, विशाल जुलूस, रैलियां, शोभायात्राएं, सेमिनार, सांस्कृतिक कार्यक्रम…

“परिसीमन से दक्षिणी राज्यों के नुकसान की आशंका, संघीय ढांचे पर पड़ सकता गंभीर प्रभाव!?”

भूमिकाभारत में महिला आरक्षण का विचार लंबे समय से सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक समावेशन का प्रतीक माना जाता रहा है। 33% महिला आरक्षण लागू करने की घोषणा निश्चित रूप से…

“वंचित समाज का बचपन जो जिम्मेदारियों में खो गया और कभी मासूमियत का अनुभव नहीं कर पाया!”

वंचित समाज में जन्म लेने वाला बच्चा दुनिया को उसी नज़र से देखता है, जिसमें बचपन की मासूमियत से पहले अभाव की कठोर सच्चाई होती है। उसके जीवन की शुरुआत…

“संस्कारों का अकाल और आधुनिक प्रोग्रेस के बीच खोती मानवता का मौन और खतरनाक पतन!?”

जब समाज में मूल्यों की नींव कमजोर होने लगती है, तब बाहरी समृद्धि भी अपना अर्थ खो देती है। आज चारों ओर विकास और प्रोग्रेस (उन्नति) की बातें होती हैं,…

अटरू में ऐतिहासिक प्रतिमा अनावरण, हजारों लोगों की रही गरिमामयी उपस्थिति

अटरू। अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी समन्वय कल्याण समिति अटरू–बारां एवं डॉ. अंबेडकर संघर्ष समिति अटरू के तत्वाधान में आयोजित प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम ऐतिहासिक बन गया, जब हजारों की संख्या में…