सम्पूर्ण मेघवाल समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश एवं अभिनंदन उद्बोधन”मृत्यु भोज नहीं, शिक्षा का महाभोज”
सम्पूर्ण मेघवाल समाज के लिए यह अत्यंत हर्ष, गर्व और प्रेरणा का विषय है कि मेघवाल समाज शिक्षा एवं विकास संस्थान, समदड़ी के अध्यक्ष तेजा राम राठौड़ (सेवानिवृत्त क्षेत्रीय वन…
सपनों को उड़ान, भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार की विदेश अध्ययन स्कॉलरशिप योजनाएं
वैश्विक विश्वविद्यालयों, स्वीकृत पाठ्यक्रमों एवं प्रक्रियाओं पर आधारित एक विस्तृत मार्गदर्शिका मार्गदर्शक एवं संकलनसोहन लाल सिंगारिया “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो इसे पीएगा वह दहाड़ेगा।” बाबासाहेब डॉ. भीमराव…
“बहुजन और वंचित समाज में बढ़ता शोक सभाओं का आडंबर : एक सामाजिक चिंता!”
भूमिका मृत्यु जीवन का शाश्वत सत्य है। जब किसी परिवार का प्रिय सदस्य इस संसार से विदा हो जाता है, तब शोक सभा का आयोजन उसके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने…
नव चयनित आर ए एस अधिकारी रामाराम गुजर द्वारा होबी सेन्टर भिंयाड में ध्वजारोहण, बच्चों को दिया भोज
भिंयाड़ । राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड जिला मुख्यालय बाडमेर द्वारा भिंयाड में संचालित अभिरुचि शिविर मे नव चयनित आर ए एस अधिकारी रामाराम गुजर ने ध्वजारोहण किया ।…
अभिरुचि केन्द्र में भामाशाह तेजसिंह ने बच्चों को दिया भोज
भिंयाड़ । राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड जिला मुख्यालय बाडमेर की ओर से भींयाङ में चल रहे अभिरुचि केन्द्र का ध्वजारोहण भामाशाह तेजसिंह पुत्र पूरसिंह निवासी भिंयाड़ ने किया।…
” जब बहुजन वंचित समाज की बेटियाँ आगे बढ़ेंगी तभी समानता, न्याय और विकास का सपना साकार होगा !”
भूमिका किसी भी समाज की उन्नति का सबसे बड़ा पैमाना उसकी महिलाओं की स्थिति होती है। यदि महिलाएँ शिक्षित, आत्मनिर्भर और जागरूक हैं तो वह समाज अपने आप विकास की…
होगा दर्द खतम,सही उपचार से–
बाग मे आग लगायेगा।आम केसे पायेगा।। महान है वो जो चुनते है रास्ता सही सही। रख मत वास्ता नकली से मत लगा ढक्कन अपने विवेक पर। मत बढा कदम अभिमान…
गरीब बच्चों के सपनों को दे रहे पंख,झाब शिक्षक जेताराम डाभी बने ग्रामीण प्रतिभाओं की उम्मीद।
शिक्षक के मार्गदर्शन में 4 वर्षों में नवोदय व श्रेष्ठा योजना में 10 विद्यार्थियों का हुआ चयन। चितलवाना।“सच्चे शिक्षक पत्थरों को तराशकर हीरा बना देते हैं। वे साधारण परिस्थितियों में…
“बहुजन और वंचित समाज की नई पीढ़ी की बेटी की ओर से समाज के माता-पिता, अभिभावकों, युवाओं और प्रबुद्ध वर्ग के नाम एक खुला पत्र!”
मैं बहुजन और वंचित समाज की उस नई पीढ़ी की बेटी हूँ, जिसका जन्म इक्कीसवीं सदी में हुआ है। मैंने अपने माता-पिता और दादा-दादी की आँखों में संघर्ष देखा है,…
