टैगोर महाविधालय के एनसीसी अधिकारी को मिली लेफ्टिनेंट रैंक
तारानगर। सहायक आचार्य सुनिल कुमार टैगोर महाविद्यालय, तारानगर के एनसीसी अधिकारी सुनिल कुमार को भारतीय सेना के एनसीसी बिंग द्वारा लेफ्टिनेंट रैंक प्राप्त हुई। अफसर प्रशिक्षण अकादमी, काम्पटी, नागपुर, महाराष्ट्र…
“बाबा साहब अंबेडकर के संघर्ष ने वंचितों को अधिकार सम्मान और नई पहचान का सूरज दिया!”
भूमिकामानव इतिहास में अनेक महापुरुषों ने समाज में समानता, न्याय और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष किया, परंतु हर युग की अपनी सीमाएँ और संभावनाएँ होती हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर का…
“संघर्ष से शक्ति तक की यात्रा, वंचित समाज को मजबूत मानसिकता की ओर ले जाने का संदेश!”
(1) पुरानी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ना! वंचित समाज के भीतर सबसे बड़ी चुनौती यह है कि व्यक्ति अपनी पुरानी असफलताओं और गलतियों के बोझ तले दबा रहता है। यह…
महात्मा ज्योतिबा फुले: आधुनिक भारत के निर्माता और सामाजिक न्याय के महामानव
जन्म जयंती 11 अप्रैल 2026 के पावन अवसर पर सादर समर्पित लेखकसोहनलाल सिंगारियासामाजिक विचारक एवं विश्लेषक भारत का इतिहास केवल उन राजाओं की गाथा नहीं है जिन्होंने तलवारों के दम…
गांव-गांव में किया डॉ. अंबेडकर जयंती सम्मान समारोह का पोस्टर विमोचन
चौमूं (सुरेन्द्र सिंह हरसोलिया)। शहर में बलाई विकास समिति जयपुर मुख्यालय-चौमूं के तत्वावधान में बलाई सभा-भवन, मोरीजा रोड, चौमूं में आयोजित होने वाले डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती सम्मान समारोह का…
सांचौर में ब्लड बैंक शुभारंभ पर रक्तदान शिविर आयोजित, मातृ शक्ति ने पेश की मिसाल
सांचौर। स्थानीय अस्पताल में ब्लड बैंक के शुभारंभ के अवसर पर एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के युवाओं एवं आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर…
रैगर समाज धर्मशाला में अम्बेडकर जयंती की तैयारीयों को लेकर बैठक का हुआ आयोजन
सांचौर। अम्बेडकर सेवा समिति सांचौर की बैठक अध्यक्ष नरेश पातलिया की अध्यक्षता में रैगर समाज धर्मशाला सांचौर में आयोजित हुई । बैठक में 14 अप्रेल 2026 को भारतरत्न, संविधान निर्माता,…
“शोषण से उपजा वंचित का व्यक्तित्व द्वंद्व, संबंधों में तनाव और आत्मसम्मान की खोज का मनोवैज्ञानिक सच!?”
समाज का एक बड़ा वर्ग आज भी उस अदृश्य दबाव के साथ जीवन जी रहा है, जिसे हम शोषण, असमानता और उपेक्षा के नाम से जानते हैं। वंचित समाज की…
“संसद, न्यायालय और संस्थाओं की निष्पक्षता पर प्रश्न, जनता का विश्वास संकट में पड़ा?”
आज का समय भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक ऐसे मोड़ पर खड़ा दिखाई देता है, जहाँ प्रश्न केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि व्यवस्था की विश्वसनीयता का है। प्रतिपक्ष…
“हदों की पहचान से वंचित समाज का सशक्तिकरण और सम्मानपूर्ण रिश्तों की नई परिभाषा!”
वंचित समाज के जीवन में हदें केवल सामाजिक दायरे नहीं बल्कि आत्मसम्मान की रेखाएँ होती हैं। जब कोई व्यक्ति अपनी सीमाओं को समझता है, तो वह अपने अस्तित्व को बचाने…
