महामानव बुद्ध: बहुजन क्रांति और वैचारिक स्वतंत्रता का वैश्विक घोषणापत्र
लेखकसोहनलाल सिंगारियासामाजिक आर्थिक चिन्तक प्रस्तावनाबुद्ध का जीवन दर्शन केवल एक आध्यात्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह अन्याय और असमानता के विरुद्ध दुनिया का पहला संगठित ‘वैश्विक घोषणापत्र’ है।भाग 1जन्म और…
भानु सेवा संस्थान की अनोखी पहल: “हर घर एक परिंडा” अभियान की शुरुआत
जैसलमेर। सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित भानु सेवा संस्थान की उप इकाई दव, जैसलमेर द्वारा “हर घर एक परिंडा” अभियान की शुरुआत की गई। इस पहल को साकार रूप देने…
पढ़ाई मोटो काम।।
समय बड़ों चतूर,टाबरां ने पढ़ने मेलों कोनी।पढ़ाई बड़ों ज्ञान दाम थे जाणौं कोनी।।लिलाट आखां दिनीं दोय, पढ़ाई बिनां लागों अन्धा।लिखियोडां आखर जाणौं कोनी,भटकट फिरोथे बन्धा।।समय बड़ों चतूर टाबरां ने पढ़ने…
भियाड़ अमर सिंह की ढाणी विद्यालय में कार्यक्रमः नव चयनित आरएएस गोदारा का स्वागत, स्टूडेंट्स से किया संवाद।
बाड़मेर। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमर सिंह की ढाणी में प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान आज विद्यालय के पूर्व छात्र रहे नव चयनित राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (RAS) गंगाराम…
संघर्ष से सफलता तक: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरसिंह की ढाणी के गौरव का अभिनंदन!
बाड़मेर। आज मन अत्यंत हर्षित है कि हमारे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरसिंह की ढाणीके पूर्व छात्र गंगाराम गोदारा का राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) में चयन होने पर प्रथम बार…
सांचौर में गौतम बुद्ध की 2570वीं जयंती हर्षोल्लास से मनाई
सांचौर । 1 मई 2026, विश्व को करूणा, प्रेम व शांति का संदेश देने वाले तथागत गौतम बुद्ध की 2570वीं जयंती बुद्ध पूर्णिमा के रूप में हर्षोल्लास व खुशी के…
त्रिगुण पावन बुद्ध पूर्णिमा समारोह एवं जीवन दर्शन पर प्रश्ननोतरी संपन्न हुई
जयपुर । नालंदा फाउंडेशन मरूधरा जयपुर परिसर मे बुद्ध पूर्णिमा समारोह व जीवन दर्शन पर 01 मई 2026 को प्रश्ननोतरि आयोजित हुई । कार्यक्रम मे प्रारंभ भगवान बुद्ध व बाबा…
” बहुजन वंचित समाज उठो, चुप्पी छोड़ो, अपमान का जवाब दो, अपनी ताकत पहचानो और आगे बढो !”
भारतीय समाज की परतों में गहराई तक जमी असमानता ने बहुजन और वंचित समाज के कर्मचारियों को केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक संघर्षों में भी जकड़ रखा है।…
“बहुजन वंचित समाज में आत्मसम्मान जागरण जरूरी, चुप्पी तोड़कर अधिकारों के लिए साहस से आगे बढ़ना होगा!”
बहुजन वंचित समाज का इतिहास केवल संघर्षों का नहीं, बल्कि भीतर जमी हुई हीनता की भावना का भी रहा है। बचपन से ही जब किसी व्यक्ति को यह महसूस कराया…
“राजनीति सेवा से कैरियर बनी, जनहित खोया, स्वार्थ और सत्ता की दौड़ ने मूल उद्देश्य बदले!?”
महात्मा गांधी राजनीति को जनसेवा का सर्वोच्च माध्यम मानते थे। उनके लिए सत्ता कोई लक्ष्य नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने का साधन थी। वे मानते थे…
