रहो जीवन मे दूखी कम।
आत्म विश्वास मे रखो दम।।

रख मत भावनाऐं भीतर बुरी।
मत बनाऐ रख अपनों से दूरी।।

नफरत कपट मत पाल।
खलत सलत मत उछाल।।

होगें रास्ते अवरुद्ध ।
मत चल प्रकृति के विरूद्ध ।।

शिक्षा चिकित्सा और विज्ञान को दे महत्व ।

रख समझ, हो परिपक्व ।।

कर मत विचार, किसी भी अपराध का।

मत कर आचरण ,किसी भी उन्माद का।।

कर तर्क, बन विज्ञानी।
मत कर अंधविश्वास आडम्बर,
मनमानी।।

बन आत्म निर्भर
मत कर दिखावा बाहरी।
चल पृकृति के अनुरूप
होकर शांत समुद्र ।।
होगा तभी जीवन बेहतर
समझ भीतर कोन।
रह कर मोन।।

रहो जीवन मे दूखी कम।
आत्म विश्वास मे रखो दम।।

रख मत भावनाऐं भीतर बुरी।
मत बनाऐ रख अपनों से दूरी।।

नफरत कपट मत पाल।
खलत सलत मत उछाल।।

होगें रास्ते अवरुद्ध ।
मत चल प्रकृति के विरूद्ध ।।

शिक्षा चिकित्सा और विज्ञान को दे महत्व ।

रख समझ, हो परिपक्व ।।

कर मत विचार, किसी भी अपराध का।

मत कर आचरण ,किसी भी उन्माद का।।

कर तर्क, बन विज्ञानी।
मत कर अंधविश्वास आडम्बर,
मनमानी।।

बन आत्म निर्भर
मत कर दिखावा बाहरी।
चल पृकृति के अनुरूप
होकर शांत समुद्र ।।
होगा तभी जीवन बेहतर
समझ भीतर कोन।
रह कर मोन।।

मदन सालवी ओजस्वी
स्वतंत्र लेखक चितोडगढ राजस्थान
95888-32673
17-6-2026

रहो जीवन मे दूखी कम।
आत्म विश्वास मे रखो दम।।

रख मत भावनाऐं भीतर बुरी।
मत बनाऐ रख अपनों से दूरी।।

नफरत कपट मत पाल।
खलत सलत मत उछाल।।

होगें रास्ते अवरुद्ध ।
मत चल प्रकृति के विरूद्ध ।।

शिक्षा चिकित्सा और विज्ञान को दे महत्व ।

रख समझ, हो परिपक्व ।।

कर मत विचार, किसी भी अपराध का।

मत कर आचरण ,किसी भी उन्माद का।।

कर तर्क, बन विज्ञानी।
मत कर अंधविश्वास आडम्बर,
मनमानी।।

बन आत्म निर्भर
मत कर दिखावा बाहरी।
चल पृकृति के अनुरूप
होकर शांत समुद्र ।।
होगा तभी जीवन बेहतर
समझ भीतर कोन।
रह कर मोन।।

मदन सालवी ओजस्वी
स्वतंत्र लेखक चितोडगढ राजस्थान
95888-32673

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *