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शिव बाल निकेतन विद्यालय कुड़ा के मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान

सांचौर । क्षेत्र के कूड़ा स्थित शिव बाल निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में बोर्ड परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस…

रक्तदान कर पेश की मानवता की मिसाल, प्रेम कुमार भाटिया ने 39वीं बार किया रक्तदान

जैसलमेर । “रक्तदान – महादान” की भावना को साकार करते हुए भानु सेवा संस्थान के सक्रिय सदस्य एवं रक्तवीर प्रेम कुमार भाटिया ने एक बार फिर मानवता की अनूठी मिसाल…

“मुस्लिम भाइयों के प्रति प्रेम, सम्मान और सद्भावना ही भारत की असली पहचान और ताकत!”

आज जब हम अपने आसपास की दुनिया को देखते हैं, तो खबरों और चर्चाओं का एक अलग ही मंजर (दृश्य) दिखाई देता है। लेकिन यदि हम थोड़ी देर के लिए…

“बहुजन वंचित हितैषियों की अंतरात्मा में पलता दर्द, करुणा और परिवर्तन का अनवरत संकल्प!”

भूमिकाबहुजन वंचित समाज को समझने वाले व्यक्तियों की मनोदशा केवल सहानुभूति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह एक गहरा, अनदेखा और अनसुना आत्मिक बंधन बन जाती है। वे उन दर्दों…

“खुद के लिए जीने का साहस: बहुजन वंचित चेतना और आत्ममुक्ति की राह”

बहुजन वंचित समाज का जीवन अक्सर अभाव, अपमान और सामाजिक तिरस्कार से शुरू होता है। जन्म के साथ ही उसे हीनता का बोझ सौंप दिया जाता है, जैसे उसकी नियति…

मैं भंगी हूँ, रे, से वैश्विक मानवाधिकार तक,एडवोकेट भगवान दास जी के बौद्धिक संघर्ष की गाथा सादर समर्पित

लेखक: सोहनलाल सिंगरियासामाजिक-आर्थिक चिन्तक, ब्यावर प्रस्तावना: एक युग परिवर्तन का शंखनादभारतीय इतिहास के फलक पर कुछ ऐसे व्यक्तित्व उभरते हैं, जो न केवल समाज की दिशा बदलते हैं, बल्कि सदियों…

क्रांति के अग्रदूत: बाबू मंगू राम मुगोवालिया और आद-धर्म का उदय

लेखकसोहनलाल सिंगारियासामाजिक-आर्थिक चिन्तक, ब्यावर भारतीय इतिहास के पन्नों में कुछ ऐसे नायक भी हुए हैं जिनकी गर्जना ने, न केवल सत्ता की चूलें हिला दीं, बल्कि सदियों से सोए हुए…

“ग्रह नक्षत्र नहीं जिम्मेदार, बहुजन वंचित समाज की समस्याओं का हल समान अवसर और सशक्त सोच में है!”

मनःस्थिति, भ्रम और बहुजन जीवन की सच्चाई वंचित बहुजन समाज सदियों से अभावग्रस्त जीवन जीता आया है। उसके हिस्से में श्रम अधिक आया, अधिकार कम। संसाधनों पर एक वर्ग का…

“बहुजन वंचित समाज के सुधारक की आत्मकथा: भीतर पलता द्वंद्व, अस्वीकार और करुणा की यात्रा!

मैं अक्सर सोचता हूँ—क्या सचमुच मैं एक सामान्य मनुष्य हूँ, या फिर उन अनगिनत अनकहे दर्दों का संग्रह, जिन्हें इस समाज ने कभी स्वीकार ही नहीं किया। किसी का दर्द…