“वंचित समाज की असली चुनौती: बाहरी शोषण से अधिक खतरनाक बनती अंदरूनी कलह और आत्मघाती प्रवृत्ति!'”
भूमिका आज के सामाजिक परिदृश्य में वंचित समाज के भीतर एक चिंताजनक प्रवृत्ति उभरती दिखाई दे रही है। जिस समाज ने सदियों तक अन्याय और भेदभाव का सामना किया, उसी…
