अजमेर। सरोवर पोर्टिको, पृथ्वीराज मार्ग में 5 एवं 6 सितंबर को 1974 से 1977 बैच के बी.कॉम. विद्यार्थियों का गोल्डन जुबली पुनर्मिलन समारोह भावनाओं, आत्मीयता और पुरानी स्मृतियों से सराबोर रहा। 49 वर्षों बाद आमने-सामने आए सहपाठियों ने छात्र जीवन की यादें साझा कीं और एक-दूसरे की जीवन-यात्रा जानकर भावुक भी हुए। साथियों की धर्मपत्नियों की सहभागिता ने आयोजन को पारिवारिक मिलन का स्वरूप दे दिया।

समापन सत्र 6 सितंबर 2026 को 10:30से 12 :15 तक संचालन अजय सोमानी ने किया। अजय सोमानी और ओमप्रकाश वर्मा की पहल से साकार हुए इस आयोजन में अनिल मित्तल द्वारा उपलब्ध कराई गई होटल व्यवस्था और आतिथ्य की विशेष सराहना की गई।
अजय सोमानी के समर्पण और आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका की सभी साथियों ने सराहना की। उन्होंने सम्मान लेने से इनकार किया, लेकिन साथियों के आत्मीय आग्रह पर सम्मान स्वीकार किया।
और अजय सोमानी , अनिल मित्तल और ओमप्रकाश वर्मा जो समन्वय के एक प्रतीक बनकर उभरे थे का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। आयोजन को सफल बनाने में गोपीकृष्ण नवल, ओमप्रकाश वर्मा, प्यारेलाल, जे.के. जैन, बाबूलाल साहू, कृष्ण किशोर बंसल, बालकिशन राठी, आर.के. व्यास, प्रवीण गोधा, हेमंत शर्मा, दिलीप पारीक, सुनील कौशिक, नारायण धुपड़, अजय माहेश्वरी सहित अनेक साथियों का योगदान रहा।
समारोह में सर्वसम्मति से तय किया गया कि 52 वर्षों में बने इस रिश्ते को केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा। व्हाट्सऐप समूह को सक्रिय रखते हुए नियमित ऑनलाइन संवाद, वर्ष में एक बार पुनर्मिलन तथा जन्मदिन और वैवाहिक वर्षगांठ पर सामूहिक शुभकामनाओं की परंपरा विकसित की जाएगी। साथ ही छात्र जीवन की तस्वीरों, संस्मरणों और अनुभवों का डिजिटल संग्रह तैयार करने तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग जैसी सामाजिक पहल शुरू करने का भी संकल्प लिया गया।
समापन भाषण में इन्हीं के साथी रहे हगामी लाल मेघवंशी, सेवानिवृत्त डिप्टी कमिश्नर, वाणिज्य कर विभाग, जयपुर ने सकारात्मक सोच, पारिवारिक सौहार्द और आपसी जुड़ाव को जीवन की बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि “49 वर्ष बाद हुआ यह मिलन अतीत को याद करने भर का अवसर नहीं, बल्कि जीवन के अगले पड़ाव में रिश्तों को नई ऊर्जा देने की शुरुआत है।”
मिलन की खुशियां दिल में संजोए और बिछड़ने की हल्की-सी कसक आंखों में लिए सभी साथी एक-दूसरे से विदा हुए। अगले वर्ष फिर इसी आत्मीयता और उमंग के साथ मिलने का वादा करते हुए सभी अपने-अपने आशियाना की ओर रवाना हो गए।

