डीडवाना। समता सैनिक दल जिला शाखा डीडवाना -कुचामन के तत्वावधान में आज दिनांक 5 जून रविवार को दल के मकराना स्थित कार्यालय में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी का विषय था।( भारतीय संविधान एवं गुरु रविदास का सामाजिक आंदोलन) विचार गोष्ठी का प्रारंभ गुरू रविदास के चित्र पर पुष्प एवं माला द्वारा किया गया ।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ओमप्रकाश कांसोटिया प्रदेश महासचिव समता सैनिक दल (राजस्थान ) ने बताया कि गुरु रविदास के विचार आज भी भारतीय समाज में उतने ही प्रासंगिक है जितने भी मध्यकाल भारत में थे ।जातिवाद तथा सामाजिक असमानता आज भी भारतीय समाज की प्रमुख समस्याएं बनी हुई है ।

जहां संस्थागत जाति आधारित भेदभाव, सामाजिक अन्याय तथा आर्थिक असमानता व्यापक रूप में देखी जाती है ।गुरु रविदास ने अपने समय में जाति प्रथा को खुली चुनौती दी थी तथा समानता पर आधारित समाज की कल्पना की थी ।उनका विचार था की जाति एवं जन्म के आधार पर किसी व्यक्ति का दर्जा तय करना अन्याय पूर्ण है। तथा समाज में सभी को समान अवसर मिलने चाहिए गुरु रविदास ने यह कहा था की। जात-पात पूछे ना कोई ,हरि बजे सो हरि का होई। यह विचार भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों में दिए गए समानता के अधिकार से मेल खाता है। जिसमें जाति ,धर्म, लिंक या जन्म के आधार पर किसी प्रकार के भेदभाव को अस्वीकार करता है। कांसोटिया ने आगे बताया कि भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर ने भी जाति उन्मूलन एवं सामाजिक समानता को अपने आंदोलन का मुख्य लक्ष्य बनाया था ।भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 ,15 एवं 17 समानता, अस्पृश्यता के उन्मूलन की गारंटी देता है ।जो गुरु रविदास के विचारों से मेल खाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे दल के वरिष्ठ सैनिक विकास बौद्ध ने बताया कि गुरु रविदास का आंदोलन भक्ति आंदोलन नहीं बल्कि एक बहुत बड़ा सामाजिक सुधार का आंदोलन था। आज के कार्यक्रम में दिनेश मेघवाल, हेमंत नायक, विजय नायक, विक्रम नायक,अजय नायक,सूरज धांधल,मयंक धांधल ,योगेश वाल्मीकि,रोहित वाल्मीकि माधुरी नायक ,दक्ष, नाहिरा ,पायल मेघवाल, सोनिया, गीता ,मोनिका, सुमन, राजवीर नायक,मनीष मेघवाल,महेश नायक, सुमित , पवन नायक,अजीत नायक, लकी नायक ,जसवंत मेघवाल, विक्रम सिंह ,विजय सिंह, सिद्धांत सिंह के अलावा कई सैनिक एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।
