चूरू। स्थानीय संकल्प भवन में सोमवार को जन अधिकार समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद जसराम गोस्वामी और क्षेत्रीय सह-संयोजक राकेश बीड़ावत ने संगठन के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आगामी कार्यों के लिए मार्गदर्शित किया।

बैठक का मुख्य केंद्र प्रदेश के विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समाज के कल्याण पर रहा। वक्ताओं ने राजस्थान सरकार द्वारा इस वर्ग के उत्थान के लिए चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में रणनीति बनाई गई कि गांवों, ढाणियों और शहरी क्षेत्रों में रह रहे घुमंतू समाज के पात्र परिवारों को चिन्हित किया जाएगा। संगठन के कार्यकर्ता इन परिवारों के आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाने और उन्हें आवासीय पट्टे दिलवाने में मदद करेंगे, ताकि सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंच सके।

क्षेत्रीय सह-संयोजक राकेश बिड़ावत ने कहा कि राजस्थान में अनुसूचित जाति वर्ग के अंतर्गत आने वाली सभी 59 जातियों को आरक्षण का समान रूप से लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार को ‘कोटे में कोटा’ (वर्गीकरण) व्यवस्था लागू करनी चाहिए, ताकि किसी भी जाति के साथ हक की अनदेखी न हो और सबको समान अधिकार मिल सके।

इस दौरान गुरु धानका ने घुमंतू समाज के परिवारों को उनके आशियाने का मालिकाना हक (पट्टा) देने की पहल की सराहना की। उन्होंने इस जनकल्याणकारी निर्णय के लिए राजस्थान सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया।

बैठक में चैनाराम सांसी, निरंजन धानका, ओमप्रकाश सांसी, गोपीराम, प्रेम कुमार, कश्मीरी लाल, रवि, मनोज, अशोक भाट, राकेश सांसी, जॉनी सांसी, सनी सांसी, संदीप और अनिल सहित समाज के कई प्रबुद्धजन व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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