सावित्रीबाई फुले, महाक्रांति की जननी और आधुनिक भारत की प्रथम शिक्षिका
लेखकसोहनलाल सिंगारियाप्राचार्य RESसामाजिक कार्यकर्ता एवं चिन्तक ब्यावर-MO-94622 60179sohanlalsingaria@gmail.com आज 10 मार्च है—वह ऐतिहासिक दिन जब भारतीय समाज की अज्ञानता के विरुद्ध युद्ध करने वाली महान सेनापति क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले ने…
“विचारधाराएँ भाषणों में जिंदा रहीं, लेकिन राजनीति का असली सिद्धांत बन गया पैसा और परिवार!”
भूमिकापरिवारवाद – लोकतंत्र के भीतर पनपता हुआ लूटतंत्र,भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है, लेकिन इसकी चमकदार सतह के नीचे एक ऐसी सच्चाई भी छिपी है…
“कल मैं चतुर था, इसलिए दुनिया बदलना चाहता था। आज मैं बुद्धिमान हूँ, इसलिए खुद को बदल रहा हूँ।” रूमी
आत्म परिवर्तन से सामाजिक क्रांति — रूमी के विचारों की आज की प्रासंगिकतामहान सूफी संत और कवि Jalaluddin Rumi का प्रसिद्ध कथन है— “कल मैं चतुर था, इसलिए दुनिया बदलना…
गुलसर परिवार सरनाऊ ने मेघवाल समाज आरोग्य भवन धर्मशाला जोधपुर के लिए किया 51 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग।
चितलवाना (अरविन्द डाभी) जोधपुर में निर्माणाधीन मेघवाल समाज आरोग्य भवन धर्मशाला एम्स के लिए सांचौर के सरनाऊ निवासी गुलसर परिवार ने अपने स्वर्गीय पिता आसुराम गुलसर की आठवीं पुण्यतिथि पर…
धींगपुरा में बेमौसमी हवा से जीरा-इसबगोल की फसल तबाह, किसानों ने सर्वे व मुआवजे की उठाई मांग
जिला कलेक्टर के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन सांचौरपटवार मण्डल भवातड़ा के ग्राम धींगपुरा में बेमौसमी तेज हवा के कारण रबी सीजन की जीरा एवं इसबगोल की फसल को भारी…
सिविल सेवा का दंभ और बाबासाहेब का वह अधूरा सपना
प्रतिवर्ष जब संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के परिणाम घोषित होते हैं, तो पूरा देश और विशेषकर हमारा बहुजन समाज एक नए उत्साह से भर जाता है। अखबारों की सुर्खियां…
कलावती मेघवाल गुजरात के वाव जिले की बनी जिला उप प्रमुख,माता पिता के पद चिन्हों पर चलते हुवे परिवार एवं बाडमेर मेघवाल समाज का किया नाम रोशन
बाड़मेर – 1970 के दशक में बाडमेर जिला सामाजिक, राजनैतिक एक शिक्षा की द्दस्ट्रि में पूर्ण रूप से बहुत ही पिछडा जिला माना जाता था । शिक्षक ओर जनप्रतिनिधि भी…
“रैंकिंग की चमक या आम नागरिक की जिंदगी का सच – भारत की अर्थव्यवस्था पर बड़ा सवाल ?”
भारत की अर्थव्यवस्था इन दिनों अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रसिद्ध पत्रिका The Economist ने हाल ही में एक विचारोत्तेजक लेख प्रकाशित किया जिसमें कहा गया कि भारत…
दलित स्त्रियों को सदियाँ लगी हैं कुछ बेड़ियों से निजात पाने में, अफ़सोस स्त्रियाँ उलझ गई हैं उटपटांग रील बनाने में?
भूमिका भारतीय समाज के लंबे इतिहास में दलित स्त्रियों की स्थिति अत्यंत पीड़ादायक रही है। उन्हें केवल आर्थिक अभाव ही नहीं बल्कि सामाजिक अपमान, जातिगत भेदभाव और स्त्री होने के…
बलाई विकास समिति जयपुर ने 450 महिलाओं का किया सम्मान
चौमूं (सुरेन्द्र सिंह हरसोलिया)। शहर के मोरीजा रोड बलाई समाज सभा-भवन के सामने रविवार को बलाई विकास समिति जयपुर मुख्यालय-चौमूं के तत्वावधान में महिला सम्मान समारोह आयोजित हुआ। समारोह के…
