बलाई विकास समिति जयपुर ने 450 महिलाओं का किया सम्मान
चौमूं (सुरेन्द्र सिंह हरसोलिया)। शहर के मोरीजा रोड बलाई समाज सभा-भवन के सामने रविवार को बलाई विकास समिति जयपुर मुख्यालय-चौमूं की ओर से महिला सम्मान समारोह आयोजित हुआ।समारोह की मुख्य…
“कोई नहीं हैं दुश्मन अपना, फिर भी परेशान हूँ मैं, अपने ही क्यों दे रहे हैं ज़ख्म, इस बात से हैरान हूँ मै!”
भूमिका मानव जीवन में कई बार ऐसा क्षण आता है जब व्यक्ति यह सोचने लगता है कि उसकी परेशानियों का कारण कोई बाहरी दुश्मन है। लेकिन जब वह गहराई से…
“वंचित के घर में एक बागी बेटा होना चाहिए; जो भीड़ का हिस्सा नहीं, भीड़ की दिशा तय करे!”
भूमिका समाज की प्रगति तभी संभव होती है जब वंचित वर्ग से भी ऐसे युवा निकलें जो केवल भीड़ के पीछे चलने वाले न हों बल्कि नई दिशा देने का…
मातृ शक्ति के उत्थान के लिए राज्य सरकार सदैव तत्पर – विधायक भाटी
प्रोत्साहन योजनाओं से महिलाओं एवं बालिकाओं का हो रहा सशक्तिकरण जैसलमेर । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-2026 के अवसर पर जिला मुख्यालय पर भव्य जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का…
“न नौकरी, न कारोबार—बस मैनेजमेंट सीखिए और थोड़ा तमाशा कीजिए, महंगाई खुद हार जाएगी।”
आजकल देश में महंगाई का ऐसा दौर चल रहा है कि आम आदमी की जेब और दिल दोनों हल्के होते जा रहे हैं। सब्ज़ी से लेकर गैस सिलेंडर तक हर…
श्री दौलत राम अटल प्रकरण
जातिवाद: योग्यता और गरिमा पर प्रहार जातिवाद की मानसिकता किसी भी सभ्य समाज के लिए एक कैंसर की तरह है। जब कोई व्यक्ति किसी की मेहनत और पद को उसकी…
समता सैनिक दल मकराना के तत्वावधान में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया
नागौर। समता सैनिक दल तहसील शाखा मकराना के तत्वावधान में आज दिनांक 8 मार्च 2026 को ग्राम बूडसू स्थित गंगा माई मंदिर प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह मनाया गया।…
लक्षित कर्म ही सफलता की कुंजी है – डॉ प्रांजल बायला
प्रतिभा – लक्षित कर्म ही सफलता की कुंजी है – डॉ प्रांजल बायला डॉ प्रांजल बायला का स्वागत कर आशीर्वाद दिया संघ लोक सेवा आयोग UPSC द्वारा 6 मार्च को…
“बहुजनऔरतों की इज़्ज़त,किसान की जिंदगीऔर सैनिक की जानइनको छोड़ कर इस देश में सब कुछ महंगा है…!”.
भूमिका बहुजनऔरतों की इज़्ज़त,किसान की जिंदगीऔर सैनिक की जान को छोड़कर कर सब कुछ महंगा है।भारतीय समाज में विकास, प्रगति और समृद्धि की बहुत बातें की जाती हैं, लेकिन जब…
“हज़ारों बलात्कार बर्दाश्त करने वाला यह समाज एक वंचित समाज से प्रेम विवाह बर्दाश्त नहीं कर सकता।'”
भूमिकाभारतीय समाज स्वयं को आध्यात्मिक, नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षक मानता है, परन्तु व्यवहार में कई बार एक गहरा विरोधाभास दिखाई देता है। एक ओर स्त्री के साथ होने…
