“स्कूल एडमिशन के समय वंचित अभिभावक कैसे करें सही चयन, विज्ञापन नहीं शिक्षा की गुणवत्ता पर दें ध्यान!”
(1)एडमिशन का समय आते ही लगभग हर स्कूल खुद को सबसे अच्छा और सबसे सफल बताने लगता है। अखबारों, होर्डिंग्स और सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े विज्ञापन दिखाई देने लगते हैं।…
बोधि फाउण्डेशन बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज सूरतगढ की बैठक सम्पन्न
सूरतगढ़। राजस्थान में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के छात्र छात्राओं को प्रतियोगि परीक्षाओं की तैयारी करने हेतु बौधि फाउण्डेशन सूरतगढ़ में समाज के होनहार विद्यार्थियों के रहने एवं खाने की लम्बे…
“संघर्ष, तन्हाई और आत्मसम्मान की जंग में चुपचाप जीवन जीता वंचित समाज का व्यक्ति!”
(1)भीड़ के बीच खड़ा एक वंचित व्यक्ति बाहर से सामान्य दिखाई देता है, लेकिन उसके भीतर एक गहरा दर्द (पीड़ा) पलता रहता है। समाज की चकाचौंध में वह अपने अस्तित्व…
प्रेरणा: नामा जी का अध्ययन गोद योजना बाड़मेर में पिछले 7 वर्षों से लगातार सहयोग करते आ रहे
ज्ञान के प्रतीक बाबा साहब बी आर अंबेडकर की प्रेरणा से नामा सर सहयोग की अग्रिम पंक्ति में सुमार होते हुए आपका लंबा सफर रहा हैं। समाजसेवी शिक्षाविद जगदीश नामा…
मांगें नहीं मानी तो भारत बंद, बहुजन समाज की हुंकार – जैसलमेर में उग्र रैली प्रदर्शन
जैसलमेर। भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के आह्वान पर बहुजन समाज ने सोमवार को जैसलमेर जिला मुख्यालय पर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम और…
“वंचित समाज के युवाओं के लिए जीवन सूत्र: खामोशी, मेहनत और आत्मसम्मान से बदलती तकदीर!?”
भूमिका आज का समय तेज़ कम्पीटीशन (प्रतिस्पर्धा) और लगातार संघर्ष का दौर है। विशेष रूप से वंचित समाज के युवाओं के सामने अवसरों की कमी, सामाजिक पूर्वाग्रह और आर्थिक दबाव…
“अमेरिकी दबाव में फैसले और भारत की ऊर्जा नीति: क्या यह एक बड़ी रणनीतिक चूक है?”
भूमिका अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक पुरानी कहावत है—“मित्रता स्थायी नहीं होती, केवल हित स्थायी होते हैं।” लेकिन भारत की विदेश नीति को देखकर कई बार लगता है कि हम इस…
: मानव तू क्यों इंसानियत खो बैठा रे :-
मानव तू क्यों इंसानियत खो बैठा रे। मृत्यु शोक में भी तू हलवा-पुड़ी खाता रे। लाश पड़ी आंगन में, तू डोडा-अफीम मंगवाता रे। अंतिम संस्कार होते ही हलवा का इंतजाम…
बसंत ऋतु
बसंत ऋतु आईं पेड़ पौधों परकलिया खिलें सारी।हर जगह हर डालीं हरी भरी हुई सारी।।पतझड़ बाद कलियां खिली रंग भर दियोसारो।फुल फुल से भर दी डालीं वातावरण में सुगन्ध भर…
“वंचित समाज के बच्चों, याद रखो — जन्म नहीं, साहस, संघर्ष और ज्ञान ही जीवन की ऊँचाई तय करते हैं।”
भारत विविधताओं का देश है, जहाँ भाषा, संस्कृति, धर्म और जीवन-शैली की अनेक धाराएँ एक साथ बहती हैं। लेकिन इस विविधता के बीच एक कड़वी सच्चाई भी छिपी हुई है—सामाजिक…
