“हज़ारों बलात्कार बर्दाश्त करने वाला यह समाज एक वंचित समाज से प्रेम विवाह बर्दाश्त नहीं कर सकता।'”
भूमिकाभारतीय समाज स्वयं को आध्यात्मिक, नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षक मानता है, परन्तु व्यवहार में कई बार एक गहरा विरोधाभास दिखाई देता है। एक ओर स्त्री के साथ होने…
