धर्म हृदय में रहे, राजनीति से दूर रहे; मानवता, संविधान और विवेक से राष्ट्र की सामाजिक एकता मजबूत बने!
भूमिका भारत की धार्मिक परंपरा अत्यंत प्राचीन, विविध और गहरी रही है। विवेक (सही-गलत को समझने की शक्ति) मनुष्य को अपनी आस्था के साथ प्रश्न करने की स्वतंत्रता देता है।…
