
नई दिल्ली।तगाराम खती बाड़मेर और उनके साथियों ने थाईलेण्ड यात्रा के पाँचवें दिन Hotel Princeton bangkok से सुबह का नाश्ता लेकर पटाया के लिए रवाना हुवे
बीच रास्ते में मे थाईलेण्ड के सूप्रसिद्ध बौद्ध संग्रहालय ( wat paknam Bhasicharoen ) एवं तथागत विशालकाय बुद्ध की मूर्ति एवं इसी संग्रहालय में दान दाताओं द्वारा अपने पूर्वजों की चिरस्मृति में रखी नकद राशि एव सैकड़ों कीमती वस्तुओं को देखा।





यहाँ की सड़के, पुल एवं नहरे वैज्ञानिक तरीके एवं ठोस बनी हुई है, यहाँ भ्रष्टाचार का बोलबाला कम लगा। यहाँ के लोग अनुशासन प्रिय, मेहनती, सेवाभावी, सरल स्वभाव और सफाई पसन्द है। यात्रा में अगर कही भी गाड़ी रुकती है तो शौचालय का उपयोग करते है। खुले में शोच जाने पर सजा का प्रावधान है। शासन प्रशासन की न्याय प्रणाली से सारी प्रजा सुखी एवं समद्र है।






यहाँ की बोली नही समझ पाने के कारण शिक्षा व्यवस्था एवं स्कूलों की जानकारी नही ले पाया लेकिन रास्ते में पाँच बड़ी स्कूलों के भवन देखे जो बहुत अच्छी स्थिति में थे।
रास्ते में गगन चुम्बी ईमारतों को निहारते हुवे तीन घंटे सफर के बाद दोपहर 3.00 बजे पटाया पहुंचे, जहाँ इण्डियन बोम्बे हॉटल मे दोपहर का भोजन करने के पश्चात सांय 5.15 बजे MIND RESORT ( पटाया ) पंहुचे, रात्रि विश्राम के बाद कल प्रातः यहाँ के दर्शनिय स्थानों का भ्रमण करेंगे ।
यात्रा वृतान्त आगे जारी ……
