
बोधगया । 2 जुलाई 2026: महाबोधि महाविहार प्रबंधन से संबंधित बी.टी. एक्ट 1949 को निरस्त कर महाबोधि महाविहार का पूर्ण नियंत्रण बौद्ध समाज को सौंपने की मांग को लेकर चल रहे महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन ने 500 दिनों का आंदोलन पूरा कर राष्ट्रीय स्वरूप ले लिया है।
आंदोलन के महासचिव डॉ. आकाश लामा ने बताया कि आंदोलन के 505 दिन पूरे होने के अवसर पर देशभर में बौद्ध समुदाय द्वारा भूख हड़ताल आयोजित की गई। कुछ स्थानों पर प्रशासनिक अनुमति न मिलने के कारण कार्यक्रम प्रभावित हुआ। इसके बाद आंदोलनकारियों ने स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए 19 जुलाई 2026 को पटना में मुख्यमंत्री आवास के समक्ष 10-दिवसीय भूख हड़ताल करने का सर्वसहमति से राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय
बोधगया में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में बिहार, झारखंड, पंजाब समेत विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में लगभग 21 समितियों के प्रतिनिधि और सैकड़ों समर्थक शामिल हुए।
बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि बौद्ध समाज अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगा। स्थायी समाधान चाहिए ताकि भविष्य में इस मुद्दे पर बार-बार आंदोलन करने की आवश्यकता न पड़े।
डॉ. आकाश लामा ने कहा,
“भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का महाबोधि महाविहार में पूर्ण पालन नहीं हो रहा है। हम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन चला रहे हैं। विभिन्न समुदायों का भी हमें भरपूर समर्थन प्राप्त हो रहा है।”
- मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जा चुका है।
- दिल्ली से आए प्रतिनिधियों के माध्यम से केंद्र सरकार तक मांग पहुंचाई गई ।
- आंदोलन किसी भी समुदाय के विरोध में नहीं है, बल्कि बौद्ध समाज के धार्मिक अधिकारों और महाबोधि महाविहार की स्वतंत्रता की मांग को लेकर संचालित है।
डॉ. आकाश लामा ने बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार बताए जाने के दावे पर स्पष्ट किया कि बौद्ध समाज की अपनी स्वतंत्र धार्मिक पहचान है और इस विषय पर ऐतिहासिक एवं वैचारिक स्तर पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय समिति ने सभी बौद्ध जनता, बोधिसत्व बाबासाहेब आंबेडकर के अनुयायियों और समर्थकों से अपील की है कि वे 19 जुलाई 2026 से पटना में आयोजित 10-दिवसीय भूख हड़ताल में बड़ी संख्या में शामिल होकर आंदोलन को और मजबूत बनाएं।
राजस्थान से महाबोधि विहार मुक्ति आंदोलन में एड. रघुनाथ बौद्ध , प्रज्ञा मित्र बौद्ध , भिख्खु प्रज्ञा सागर , राम चरण बौद्ध को केन्द्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया है तथा प्रदेश कमेटी का गठन जल्दी किया जावेगा ।
स्थायी समाधान अब अपरिहार्य है।
