जयपुर । राजस्थान के वाल्मीकि समाज के प्राथमिक शिक्षा से लेकर महाविद्यालय तक शिक्षकों का द्वितीय राज्य स्तरीय वाल्मीकि शिक्षक स्नेह मिलन समारोह डॉ अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी, जयपुर में 19 जून को आयोजित किया गया।

समारोह में राजस्थान के भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर,कोटा, बारां, झालावाड़, टोंक, बूंदी, अलवर, जयपुर, सीकर, अजमेर, नागौर, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, पाली, सिरोही , राजसमंद हनुमान गढ़, गंगानगर जिले से सम्मेलन शामिल हुए।
सह आचार्य निर्मल देसाई ने वक्ता के रूप में बोलते हुए समाज में शैक्षिक वातावरण बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने के लिए आहवान किया। पुस्तकालय, कोचिंग, मार्गदर्शन, करियर काउंसलिंग के माध्यम से वाल्मीकि समाज के छात्रों को शिक्षा की ओर प्रेरित करने के लिए सुझाव दिया।
चित्तौड़गढ़ से नरेन्द्र लोट, सतीश कोदली, विशाल घारू ने अपने विचार व्यक्त किए। राजकुमार टांक सहायक सचिव विधान सभा जयपुर ने सामाजिक संगठन को शिक्षा एवं प्रतिभाओं को तराशने हेतु करना चाहिए।
उदयपुर से सुरेश देशबंधु शिक्षा में नवाचार,जोधपुर से घनश्याम खींची ने कार्यक्रम के उद्देश्यों,, नागौर से बीरबल घारू ने प्रतिभा तराशने,बीकानेर से आनन्द मल चौहान ने आडंबर एवं पाखंड फलोदी से वल्लभ लखेश्री ने आरक्षण में वर्गीकरण, बाड़मेर से सह आचार्य चन्द्र प्रकाश घारूने डिजिटल लाइब्रेरी जयपुर प्रोफेसर कमलेश सारसर महापुरुषों से प्रेरणा लेने झालावाड़ से बाल चन्द आर्य , टोंक से राजेश परोचिया बारां से रामप्रहलाद वर्मा कोचिंग पर गंगानगर से अरविंद लोहारा सीकर से राजेश बिवाल भीलवाड़ा से अनिल घुसर विचार व्यक्त किए l
मदन सालवी ओजस्वी
स्वतंत्र लेखक चितोडगढ राजस्थान
