राजगढ़ । श्रावण पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजगढ़ के सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रचंद जी बाठियां, पुत्र स्वर्गीय श्री संतोष चंद जी बाठियां का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन के पश्चात उनके पुत्र सुरेश जी एवं समस्त परिवारजनों ने मानवीय संवेदना और सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए उनके नेत्रदान का संकल्प पूर्ण कराया।
परिवार द्वारा लिए गए इस प्रेरणादायी निर्णय के फलस्वरूप सरदारशहर से पहुंचे नेत्रदान दल के टेक्नीशियन भंवरलाल जी प्रजापत एवं सहायक दिनेश शर्मा जी ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नेत्रदान की प्रक्रिया पूर्ण की।

परिवार के इस निर्णय से सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रचंद जी बाठियां की स्मृति को एक महान मानवीय सेवा से जोड़ा गया है। नेत्रदान के माध्यम से मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला लाने का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी है।
इस अवसर पर तेरापंथ युवक परिषद राजगढ़ के अध्यक्ष किशन धाड़ेवा, नेत्रदान प्रभारी प्रमोद दूगड़, संदीप घोड़ावत, इन्नमा संस्था अध्यक्ष मनोज सोनी, सचिव तिरंगा मैन शहनाज अहमद, उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह बौद्ध, कलम मैन मोहसिन शेख, डॉ. विनोद मीणा, हसनैन अहमद सहित परिवार के सदस्य एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
सभी ने परिवार के इस पुनीत निर्णय की सराहना करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रचंद जी बाठियां को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा कहा कि नेत्रदान का यह संकल्प अन्य लोगों को भी मानव सेवा के लिए प्रेरित करेगा।
29 अगस्त को निकलेगी अंतिम यात्रा
सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रचंद जी बाठियां की अंतिम यात्रा शनिवार, 29 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे उनके निवास स्थान वार्ड नंबर 3, महाराणा प्रताप चौक, राजगढ़ से रवाना होगी।
“मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन में उजाला बनना ही सच्ची मानव सेवा है।”
सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रचंद जी बाठियां को विनम्र श्रद्धांजलि।
नेत्रदान के इस प्रेरणादायी संकल्प के लिए बाठियां परिवार को साधुवाद।

