
सम्पूर्ण मेघवाल समाज के लिए यह अत्यंत हर्ष, गर्व और प्रेरणा का विषय है कि मेघवाल समाज शिक्षा एवं विकास संस्थान, समदड़ी के अध्यक्ष तेजा राम राठौड़ (सेवानिवृत्त क्षेत्रीय वन अधिकारी), उनके अनुज पारस मल राठौड़ (सेवानिवृत्त तहसीलदार) तथा मांगीलाल राठौड़ (ASP, एसीबी, जालौर) ग्राम अजीत, तहसील समदड़ी, जिला बालोतरा ने अपनी माताश्री स्वर्गीय श्रीमती गवरी देवी तथा पिताश्री स्वर्गीय श्री कालूराम राठौड़ की पावन स्मृति में एक ऐसा अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ बनेगा।
जहाँ आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग रूढ़िवादी परम्पराओं, मौसर, मृत्यु भोज , हरिद्वार, पुष्कर में अस्थि विसर्जन करने जाने की परिपाटी और दिखावे की परिपाटियों में लाखों रुपये व्यय कर देता है, और इन सभी परंपराओं को राठौड़ परिवार ने पूर्णतः तिलांजलि यानी त्याग कर सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया है।वहीं राठौड़ परिवार ने सामाजिक चेतना और दूरदर्शिता का परिचय देते हुए इन कुरीतियों को त्यागकर समाजहित एवं शिक्षाहित एवं स्वास्थ हित में धन समर्पित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
स्वर्गीय श्री कालूराम राठौड़, अजीत ने रेलवे विभाग में उत्कृष्ट सेवाएँ देने के पश्चात अपनी सम्पूर्ण पेंशन समाज हित के शिक्षा एवं विकास कार्यों हेतु समर्पित कर दी। लगभग 85 वर्ष की आयु में उनके देहावसान के बाद भी उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गवरी देनी तथा उनके तीनों पुत्रों ने इस पुण्य परंपरा को निरंतर बनाए रखा और पेंशन राशि का उपयोग व्यक्तिगत हित में न करके समाज सेवा के कार्यों में ही करते रहे। त्याग, समर्पण और समाजहित की यह अनुपम मिसाल आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। इसी का परिणाम है कि आज –
परिवार द्वारा—
- मेघवाल समाज शिक्षा एवं विकास संस्थान, समदड़ी को ₹5,00,000 की घोषणा,
- आरोग्य भवन , जोधपुर हेतु 1,11,000 की घोषणा।
उपर्युक्त दोनों घोषणाएं आज प्राप्त हुई।
एवं विगत लगभग 15 वर्षों से अनुकरणीय भामाशाह के रूप में सहयोग प्राप्त हुआ है – - मेघरिख मेघवाल महिला छात्रावास, झालामंड (जोधपुर) में एक कक्ष निर्माण हेतु ₹5,51,000,
- महंत गणेशनाथ जी के शिव मठ आश्रम, सांचौर हेतु ₹3,00,000
- बालक छात्रावास, जालौर हेतु ₹3,31,000,
- मेघवाल शिक्षा एवं विकास संस्थान, बालोतरा में भूमि दान हेतु ₹1,01,000, एवं 1 कक्ष मय बरामदा निर्माण हेतु उक्त संस्थान को 1,71,000 की सहयोग राशि भेंट की।
- कोरोना काल में “मारवाड़ मेघवाल सभा ” के बैनर तले जोधपुर में खाद्यान्न किट वितरण एवं इनके ग्राम अजीत से संपूर्ण समदड़ी तहसील में खाद्यान्न किट वितरित किए।
राठौड़ परिवार अजीत ने सहयोग प्रदान कर यह सिद्ध कर दिया है कि सच्ची श्रद्धांजलि मृतकों के नाम पर कुरीति पूर्वक मृत्यु भोज कराने में नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को संवारने में है।
यह केवल आर्थिक सहयोग नहीं है, बल्कि यह सामाजिक क्रांति का शंखनाद है। यह संदेश है कि यदि हम मृत्यु भोज, मौसर, पाखंड और अंधविश्वास पर होने वाले अनावश्यक खर्च को शिक्षा, छात्रावास, स्वास्थ्य और समाज उत्थान के कार्यों में लगाएँ, तो हमारा समाज विकास की नई ऊँचाइयों को छू सकता है।
आज राठौड़ परिवार , अजीत, समदड़ी ने यह प्रमाणित कर दिया है कि महानता केवल पद और प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि समाज के प्रति समर्पण और दूरदर्शी सोच से प्राप्त होती है। ऐसे भामाशाह परिवार वास्तव में समाज की अमूल्य धरोहर हैं।
सम्पूर्ण मेघवाल समाज राठौड़ परिवार के इस ऐतिहासिक एवं अनुकरणीय निर्णय का हृदय से अभिनंदन करता है तथा उन्हें कोटिशः बधाई एवं साधुवाद प्रेषित करता है।
हम सभी समाज बंधुओं से भी विनम्र आह्वान करते हैं कि वे इस प्रेरणादायी उदाहरण से सीख लें और रूढ़िवादी परम्पराओं, आडम्बरों, पाखंड एवं अंधविश्वासों से मुक्त होकर शिक्षा, स्वास्थ्य, छात्रावास निर्माण और सामाजिक विकास के कार्यों में अपना योगदान दें।
यदि समाज का प्रत्येक सक्षम परिवार ऐसा संकल्प ले ले, तो वह दिन दूर नहीं जब मेघवाल समाज शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।
स्वर्गीय श्री कालूराम जी राठौड़ सा एवं स्वर्गीय श्रीमती गवरी देवी जी की पुण्य स्मृति को यही सच्ची श्रद्धांजलि है।
भामाशाह राठौड़ परिवार अमर रहे।
शिक्षित समाज – संगठित समाज – विकसित समाज।
जय भीम। जय संविधान। जय समाज।
