मकराना। समता सैनिक दल तहसील शाखा मकराना के तत्वावधान में आज दिनांक 26 जून 2026 शुक्रवार को दल के बुड्सू स्थित कार्यालय में राज ऋषि छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती समारोह हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश महासचिव समता सैनिक दल राजस्थान ओमप्रकाश कांसोटिया ने बताया कि नैतिक और भौतिक विकास से राज ऋषि छत्रपति शाहू जी का एक ही प्रयोजन और मतलब था और वह था निर्बल और निर्धन, दलितों की शिक्षा स्वास्थ्य तथा कृषि संबंधित विकास। उनकी प्रबल महत्वाकांक्षा थी कि उस तथाकथित शूद्र और अतिसूद्र जातियों को शासन व्यवस्था तथा स्थानीय निकाय में अधिक से अधिक हिस्सा मिले। इसके लिए जरूरी था कि पहले उनको शिक्षित किया जाए

।छत्रपति शाहूजी महाराज के कार्यों से उनके विरोधी भय भीत थे और उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे थे। उस पर उन्होंने कहा कि वह गदी छोड़ सकते हैं मगर सामाजिक प्रतिबद्धता के कार्यों से पीछे नहीं है सकते। दलितों ,अछूतों को समाज में बराबरी का हक दिलाने और उनकी स्थिति में सुधार के लिए साहू जी ने अन्य विशेष कदम भी उठाये कांसोटिया ने आगे बताया कि सामाजिक न्याय, समता और जनकल्याण के महान पुरोधा, आरक्षण के जनक राज ऋषि छत्रपति शाहू जी महाराज ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त बताया तथा वंचित शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा एवं उत्थान के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया ।

आरक्षण के जनक के रूप में उन्होंने सामाजिक न्याय को सशक्त आधार प्रदान करते हुए वंचित शोषित और पिछड़े वर्गों को समान अवसर दिलाने की ऐतिहासिक पहल की ।समान अवसर, सामाजिक समानता और न्याय पूर्ण व्यवस्था की स्थापना के प्रति उनका समर्पण आज राष्ट्र को एक समावेशी एवं प्रगतिशील समाज के निर्माण की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे दल के तहसील कमांडर किशन लाल गहलोत ने बताया कि छत्रपति शाहूजी को भारत में एक सच्चे प्रजातंत्रवादी और समाज सुधार के रूप में जाना जाता है ।

आज के कार्यक्रम को सुरेश बामनिया ,सरवन राम आसोपिया ,लोकेश बडारिया, बाबूलाल खारदीया ,जोधाराम बडा रिया ,हनुमान परिहार, भंवरलाल लूना के अलावा कई लोगों ने संबोधित किया ।साथ ही आज के कार्यक्रम में काफी सैनिक एवं गणमानी लोग शामिल हुए।

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