चौमूं(सुरेन्द्र सिंह हरसोलिया) शहर में भाई बहन के प्यार का अटूट प्रेम पर्व रक्षाबंधन का त्योहार पारम्परिक रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बहनों ने भाईयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर इनकी खुशहाली व लम्बी उम्र की कामना की वहीं भाईयों ने बहनों को सुख-दु:ख में साथ निभाने का वादा किया।

एक ओर जहां रक्षाबंधन पर्व पर सुबह से ही घरों में जोर-शोर से तैयारियां की जा रही थी, वहीं दूसरी ओर दरवाजों पर शगुन बनाकर भोग लगाया गया। रक्षाबंधन के पर्व पर दिन भर शुभ मुहूर्त में बहनों ने शुभ सज धज कर भाईयों की कलाई पर राखी बांधी। हाईटेक जमाने में राखियों की सूरत भी आधुनिकता से ओत-प्रोत थी। बच्चों की राखियों में खेल-खिलौने व सुपरमैन की भरमार थी। एक ओर जहां बड़ी राखियां कीमती धातुओं से बनी हुई थी वहीं दूसरी ओर बहनों ने भी बड़े लाड प्यार से आतुर होकर भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। राखी बांधने के लिए बहनों में काफी उत्साह था। बड़ों के साथ-साथ नन्ही मुन्नी बच्चियां भी अपने प्यारे भाइयों की कलाई पर राखी बांधने में पीछे नहीं रहे। संगीता, मनीषा एवं अंशिका हरसोलिया ने भी अपने प्यारे भाई शुभम, हिमांशु, मनीष, विशाल, प्रियांशु, पवन, दीपक, भुनेश की कलाई पर राखी बांधी। सुबह से ही नए परिधान में सजी बहने मिठाई व राखी लेकर अपने भाइयों के घर पर पहुंचती देखी गई एवं बहनों के द्वारा भाइयों की कलाई पर राखी बांधे जाने पर भाईयों ने उन्हें उपहार दिए। रक्षाबंधन पर्व पर क्षेत्र में दिन भर आवागमन जारी रहा। एक और जहां राज्य सरकार ने रोडवेज बसों में महिलाओं को आने-जाने को लेकर फ्री सेवा दे रखी थी,वहीं दूसरी ओर अपने निजी वाहनों से भी महिलाएं आवागमन करती हुई नजर आ रही थी। बहने अपने भाइयों के घर जाने को इतनी आतुर नजर आ रही थी कि उनके आगे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था भी बेबस नजर आ रही थी। सुबह से ही दुकानों पर राखी, मिठाइयां, फल फ्रूट्स, पानी के नारियलों की इतनी बिक्री होते नजर आ रही थी की दुकानदार भी काफी व्यस्त नजर आ रहे थे। इस पर्व पर पुलिस प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से कमर कस रखी थी। रक्षाबंधन के पर्व पर दिन भर एक-दूसरे को शुभकामनाओं का तौर चलता रहा।

