“धोखे और गलतियों के बाद भी उठ खड़े होने वाले वंचित युवाओं की नई शुरुआत!”

भूमिकाअनुसूचित जाति और जनजाति समाज के अनेक नवयुवक और नवयुवतियाँ अपने स्वभाव से सीधे, सादे और भरोसा करने वाले होते हैं। उनका पालन-पोषण ऐसे वातावरण में होता है जहाँ ईमानदारी,…

भारत मुक्ति मोर्चा व राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन के तहत सौंपा ज्ञापन

जैसलमेर । भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के तत्वावधान में चल रहे चार चरणों के राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन के प्रथम चरण के अंतर्गत शुक्रवार को जिला कलक्टर…

“राजस्थान में नए कानून संशोधन से व्यापारियों को राहत, मगर गरीब और अनुसूचित वर्ग अब भी लाभ से दूर!”

किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून का उद्देश्य केवल व्यवस्था बनाए रखना नहीं बल्कि समाज के सभी वर्गों को न्याय देना होता है। जब कोई सरकार नियमों में बदलाव करती…

होली मिलन पर चौहटन विद्यायक मा. आदुराम मेघवाल द्वारा 25000 रूपए का आर्थिक सहायोग

बाड़मेर। राजस्थान मेघवाल परिषद बाड़मेर द्वारा समाज के आर्थिक दष्ट्रि से कमजोर छात्रों हेतु संचालित की जा रही अध्ययन गौद योजना में होली मिलन के शुभ अवसर पर चौहटन विद्यायक…

“इतराता रह गया वो….अपनी “चालाकियों” पर,उसे समझ भी ना थी….उसने “खोया” क्या है ?”

*इतराता रह गया वो अपनी “चालाकियों” पर। उसे लगता रहा कि उसने हर परिस्थिति को अपने पक्ष में मोड़ लिया है। परिवार में, कार्यालय में और समाज में उसने शब्दों…

“जमाना बड़ा अजीब है यहां धोखा देने…वाला भी बड़े तहज़ीब से बात करता है…।।”

*जमाना बड़ा अजीब है। यहां धोखा देने वाला भी बड़े सलीके से बात करता है, और उसकी आवाज़ में ऐसा अपनापन घुला होता है कि सुनने वाला उसे अपना हमदर्द…

“प्रेम, विश्वास और मर्यादा की सीमाओं को लांघती असंवेदनशील मानसिकता!”

आधुनिक बनने की होड़ में मनुष्य का रवैया (व्यवहार) अक्सर संतुलन खो देता है। आज मॉडर्निटी (आधुनिकता) को केवल बाहरी दिखावे से जोड़ दिया गया है, जबकि वास्तविक प्रगति विचारों…

“सशक्तिकरण बनाम रैंक की दौड़: हाशिए के समुदायों की शिक्षा की वास्तविक चुनौती!”

हमारे देश में अब बच्चे केवल जन्म नहीं लेते, बल्कि एक परीक्षा का “अटेम्प्ट” बनकर दुनिया में आते हैं। यह प्रवृत्ति विशेष रूप से अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों के…

“अकादमिक स्वतंत्रता, नैतिक साहस और तथ्य आधारित हस्तक्षेप की अनिवार्य सामाजिक भूमिका!”

भूमिका एक समाचारपत्र में उल्लेख है कि एआई समिट में हुए युवा कांग्रेस के प्रदर्शन की 160 शिक्षाविदों ने निंदा की। प्रश्न केवल एक घटना का नहीं, बल्कि व्यापक जिम्मेदारी…

“अकेलेपन की भूख से आत्मा के उत्सव तक की अंतर्मुखी आध्यात्मिक यात्रा!”

जब साथ की चाह मिटे और आत्मबोध की ज्योति स्वयं प्रज्वलित हो जब कैसे महसूस होता है?अकेलापन और एकांत देखने में समान प्रतीत होते हैं, पर उनके अर्थ और प्रभाव…