“सलीका़ सादगी सब आज़मा कर समझ आया,बहुत नुकसान होता है अदब से पेश आने में..!”
*यह पंक्ति केवल शिकायत नहीं, बल्कि जीवनानुभव की कसक है। जब कोई व्यक्ति सलीक़े, सादगी और अदब को अपना जीवन-मंत्र बना लेता है, तो वह यह मानकर चलता है कि…
*यह पंक्ति केवल शिकायत नहीं, बल्कि जीवनानुभव की कसक है। जब कोई व्यक्ति सलीक़े, सादगी और अदब को अपना जीवन-मंत्र बना लेता है, तो वह यह मानकर चलता है कि…
*वक़्त सबसे महँगा तोहफ़ा इसलिए है क्योंकि इसे न खरीदा जा सकता है, न संजोकर रखा जा सकता है। कोई व्यक्ति जब अपना समय हमें देता है, तो वह अपने…
हमारे देश में अब बच्चे केवल जन्म नहीं लेते, बल्कि एक परीक्षा का “अटेम्प्ट” बनकर दुनिया में आते हैं। यह प्रवृत्ति विशेष रूप से अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों के…
आधुनिक बनने की होड़ में मनुष्य का रवैया (व्यवहार) अक्सर संतुलन खो देता है। आज मॉडर्निटी (आधुनिकता) को केवल बाहरी दिखावे से जोड़ दिया गया है, जबकि वास्तविक प्रगति विचारों…
बीकानेर। पंचायत बीदासरिया के मेघवाल समाज के युवाओं ने सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए मृत्यु भोज एवं शराब का सेवन नहीं करने की…
रंग तो लियो हाथों में होली खैलण जावां में।छोटा-मोटा मिलनें होली रों त्योहार मनाया रे।।घर घर में फागण गावां टाबरा ने ढुंढण जावां में।ढोल थाली और संग ऊपर फागण गीत…
“नाम ढूँढता रहा पूरी मेरिट लिस्ट में, आख़िर में सिर्फ़ अपनी कमी मिल गई..!!” यह पंक्ति उस चुभन को व्यक्त करती है जो परिणाम के दिन हर उस अभ्यर्थी को…
कब तक जलाओगे नारी को,किस परंपरा के नाम पर?कब तक दोगे आग की शिक्षात्यौहारों के काम पर? एक स्त्री की प्रतिमा जलती है,और हम ताली बजाते हैं,फिर कहते हैं —…
नारी का नहीं हो अपमान।आज नारी का करों सम्मान।।आज की नारी, सबसे है भारी।इनकी है घर की जिम्मेदारी।।होली का दहन बंद करो।औरत का सम्मान करो।।होली नहीं अवगुण जलाओ।किसी को मत…
जैसलमेर । सीमांत जिले के गांव देवा में डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर के आदर्शों से प्रेरित डॉ. बी आर अम्बेडकर वेलफेयर सोसाइटी देवा के अध्यक्ष व सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य बजरंगाराम पंवार…