“मरने के नाम से जो रखते थे मेरे मुंह पर उंगलियां,अफसोस वंचित को भाई कहने वाले ही दिल के कातिल निकले।”
भूमिका भारतीय समाज की बनावट सदियों से जातिगत संरचना पर आधारित रही है। आधुनिक संविधान ने समानता का मार्ग दिखाया, परन्तु व्यवहार में आज भी अनेक जगहों पर सामाजिक असमानता…
