मकराना। समता सैनिक दल तहसील शाखा मकराना के तत्वावधान में 28 सितंबर 2026 सोमवार को दल के मकराना स्थित कार्यालय में शहीद भगत सिंह की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई ।

समारोह के मुख्य अतिथि ओमप्रकाश कांसोटिया प्रदेश महासचिव समता सैनिक राजस्थान ने बताया कि शहीद भगत सिंह केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि एक गहरे समाज सुधारक और क्रांतिकारी विचारक थे।

जो जाति, धर्म और वर्ग से मुक्त समाजवादी समाज का सपना देखते थे ।उनका मानना था कि राजनीतिक आजादी का कोई अर्थ नहीं है, यदि समाज में आर्थिक और सामाजिक शोषण जारी रहे ।उन्होंने जाति आधारित उत्पीड़न और असमानता को देश की प्रगति में सबसे बड़ी बड़ा बाधा माना।भगत सिंह सांप्रदायिकता और पाखंड के कट्टर शत्रु थे उनका मानना था कि धर्म लोगों को बांटने के बजाय इंसानियत के नाते जोड़ना चाहिए।

भगत सिंह का मानना था कि किसी भी प्रगतिशील व्यक्ति को पुरानी रूढ़ियों और विश्वासों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए, बल्कि हर बात पर सवाल उठाना चाहिए। कांसोटिया ने आगे बताया कि भगत सिंह का राजनीति को देखने का नजरिया केवल अंग्रेजों को भारत से बाहर निकलने तक सीमित नहीं था । वे संपूर्ण व्यवस्था परिवर्तन चाहते थे। जब तक एक इंसान द्वारा दूसरे इंसान का शोषण जारी रहेगा तब तक आजादी अधूरी है। अध्यक्षता कर रहे तहसील कमांडर किशनलाल गहलोत ने बताया कि भगत सिंह के लिए क्रांति का अर्थ केवल बम और पिस्तौल का प्रयोग नहीं था। क्रांति से तात्पर्य समाज की अन्याय पूर्ण व्यवस्था में अमूल चूल परिवर्तन करना था। आज के समारोह में मनीष नायक,जसवंत नायक,दिनेश मेघवाल, तेजपाल गुर्जर ,माया नायक,गीता नायक, कुसुम लता नायक ,सोनू नायक, दिनेश नायक ,दिलीप नायक, मुकेश गुर्जर, संदीप वाल्मीकि, योगेश वाल्मीकि,रोहित वाल्मीकि, पायल मेघवाल, सोनिया ,गीता ,मोनिका के अलावा कई सैनिक एव गणमान्य लोगउपस्थित थे।
