,, रक्षाबंधन ,, बांधते हैं रक्षाबंधन, लगाकर सिर पर चंदन,, करते हैं हाथ जोड़कर, हम सब का वंदन,, रक्षा और सुरक्षा का, वचन है बंधन,, वचन निभाने का ,नाम है रक्षाबंधन,, मैं में हम देखने का, नाम है रक्षाबंधन,, रेशम की डोर का, केवल नहीं है धागा,, प्रेम की अभिव्यक्ति का ,नाम है सुहागा,, बंधन बांधने बंधवाने का, दोर रहना चाहिए,, बंधन को निभाने का ,पूरा जोर रहना चाहिए,, महंगी या सस्ती हो राखी, राखी में ना हो बैसाखी,, राखी ,रिश्तो को रखने का नाम है,, राखी, रिश्तो को निभाने का गुणधाम है,, राखी को दिल से निभाने के लिए,, दिल में एक दिल होना चाहिए,, सूरत बहना की ,नयनों में समा जानी चाहिए,, हर दिखती हुई लड़की में, बहना की सूरत दिखनी चाहिए,, रक्षाबंधन की शुभकामना से, मन मयूर नाचना चाहिए,, हर भाई का दिल, बहना में धड़कन चाहिए,, श्रावण की पूर्णिमा को, रक्षाबंधन का है त्योहार, आप सभी को, अनुज प्रकाश का जय जोहार,,

रचनाकार- अध्यापक प्रकाश चंद्र मेघवाल गरदाना चित्तौड़गढ़,, मो 8058155815

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