नई दिल्ली। थाइलेण्ड यात्रा के चौथे दिन आज हमने बैकोक की हॉटेल princeton bangkok मे रात्रि विश्वाम व प्रातः का नाश्ता कर यहाँ के दर्शनिय स्थानों को देखने हेतु बस द्वारा रवाना हुवे।

सर्व प्रथम फ्लोटिंग मार्केट जहां, पुराने राजाओं द्वारा बनाई नहर, नौकायन, 550 kg वजनी गोल्डन बुद्धा की मूर्ति जिसका विस्तृत विवरण नहीं लिख सकता, तत्पश्चात हॉटल इण्डिया गैट मे दोपहर का भोजन किया ।





दोपहर बाद थाईलेण्ड के विश्वविख्यात वट अरुण, लगभग 150 फीट लम्बाई के स्लिपिंग बुद्धा, आसपास मे लोगों द्वारा स्थापित अनेको बुद्धा की मूर्तियों एवं चेत्य को देखा।



दो दिन के भ्रमण मे प्रमुख रूप यह जानकारी निकलकर आई कि यहाँ 80 प्रतिशत जनसंख्या बौद्ध धर्म एवं शेष मुस्लिम, ईसाई आदि अलग-अलग धर्मों के अनुयाई है।
पूरे बैकॉक शहर में हजारों गगन चुम्बी इमारते, साफ सुथरी सड़के, शान्त स्वभाव के लोग, मेहमानों का आदर सत्कार, सार्वजनिक कार्यों में भ्रस्टाचार का बोलबाला नहीं होना, यहाँ के राजाओं का जनता के प्रति समर्पित भाव से सेवा करना इस देश की प्रमुख विशेषता रही है।
रात्रि भोजन के बाद कल प्रातः अन्य शहर पटाया की यात्रा पर जाने का कार्यक्रम है।
थाईलैंड की यात्रा का भ्रमण जारी …….
तगाराम खती बाड़मेर
