विचार संगोष्ठी में उनके द्वारा सामाजिक सुधार व शिक्षा के क्षेत्र में किए गये प्रयासों पर प्रकाश डाला।

सांचौर। 11 अप्रेल 2026 महात्मा ज्योतिबा फुले की 199वीं जयंती सांचौर शहर में हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाई गई । यह जयंती समारोह कार्यक्रम अम्बेडकर सेवा समिति सांचौर, जिला समाज कल्याण विभाग, द ग्रुप ऑफ महेंद्रा एवं सम वैचारिक बहुजन संगठनों के संयुक्त तत्वावधान तथा सामाजिक संगठनों के सैकड़ों गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में आयोजित हुआ।


सेवा समिति के महासचिव कानाराम पारीक ने जानकारी देते हुए कहा कि सुबह 10 बजे मुख्य चौराहे स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर याद किया गया । उसके बाद BSNL टॉवर के पास स्थित मेघवाल समाज धर्मशाला में विचार संगोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें सामाजिक क्रांति के अग्रदूत, स्त्री शिक्षा आंदोलन के जनक महामानव महात्मा ज्योतिबा फुले के द्वारा किये गये सामाजिक सुधार एवं शिक्षा के क्षेत्र में किए गये संघर्षपूर्ण जीवन पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला।

वैचारिक संगोष्ठी में पहाड़ाराम धोरावत ने बात रखते हुए कहा कि ज्योतिबा फुले ने समानतावादी विचारधारा की नींव रखी तथा असमानता की सोच का ताकतों का विरोध किया।
द युथ ऑफ महेन्द्रा के प्रतिनिधि नेमाराम माली ने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले के संघर्ष को फलीभूत करने के लिए हम कंधे से कंधा मिलाकर संगठन को मजबूती देंगे।
डॉ. आंसूराम सिंघल ने वक्तव्य देते हुए कहा कि मानसिक सोच बदलकर असमानतावादी सोच में परिवर्तन किया जाना संभव है।बामसेफ विचारधारा के वक्ता गेनाराम बांदड़ा ने बताया की जहां संगठन और विचारधारा की बात होगी, वहां हमें पहले विचारधारा को अहमियत देनी चाहिए।
पारसाराम राणा ने बात रखते हुए कहा कि हमारे साथ बुरे बर्ताव के लिए हम खुद जिम्मेदार है, क्योंकि हम असंगठित होकर अपनी ताकत को खत्म कर देते हैं।
सेवानिवृत्त दिल्ली पुलिस अधिकारी केशाराम मणुवेर ने कहा कि हमारे महापुरुषों के त्याग व बलिदान को आगे बढ़ाने के लिए वैचारिक कैडर कैम्प की जरूरत है।
मान्यवर मोहम्मद उमरदराज खान ने बात रखते हुए कहा कि महापुरूषों की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना होगा।
सेवा समिति के पूर्व अध्यक्ष केशाराम मेहरा ने ज्योतिबा फुले के जीवन आदर्शों व वैचारिक आंदोलन पर सबका ध्यान आकर्षित किया।
मुख्य वक्ता उप निदेशक, समाज कल्याण अधिकारी जालोर भगवानाराम चौधरी ने बताया कि वर्तमान समय में वैचारिक आंदोलन को मजबूती देने की जरूरत है। लेकिन उससे पहले युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहना होगा । जो समाज हित में जिम्मेदारी मिले उसे कर्तव्य निर्वहन के साथ निभाएं।
सेवा समिति के अध्यक्ष नरेश पातलिया ने सबका धन्यवाद करते हुए कहा कि फुले साहब की जो विचारधारा समतामूलक समाज के निर्माण के लिए थी, उसे हम सब मिलकर आगे बढ़ाए । अंधकारयुक्त समाज को प्रकाशमय बनाने के प्रयास में युवा वर्ग अहम भूमिका निभा सकता है।
इस अवसर पर गवारिया समाज अध्यक्ष श्रवणकुमार गवारिया, प्रोफेसर नारायणलाल सिंघल, पुरखाराम गोयल, मेघवाल समाज अध्यक्ष भंवराराम खांभू, सुरेशकुमार माली, महेन्द्र माली, जगदीश माली, हीरालाल धोरावत, जेताराम परमार, पार्षद दिलीप खोरवाल, रमेशकुमार परमार, हरिराम खिलेरी, बाबूलाल सारण, हरिराम डारा, अंबालाल राणुआ, पूर्व चैयरमैन प्रतिनिधि बंशीलाल खोरवाल, अम्बेडकर वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष छगनलाल बावरला, शंकरलाल गवारिया, मेवाराम बाजक, मालाराम चौधरी, नेमीचंद खोरवाल, भूपाराम माली, रूपाराम परमार, सोनू परमार, सांवलाराम जयपाल, बेचराराम पातलिया, सांवलाराम खींची, रामबाबू जाटव, जयंतिलाल बोस, लिलाधर पतालिया, प्रकाशचंद पांचल, संजय कालमा, रमेशकुमार परमार, अरविंद खोरवाल, विहान खोरवाल, एंड. राजेंद्र कुमार हिंगड़ा, भंवरलाल, लालाराम, सुरेशकुमार गुलसर, प्रवीण कुमार, जितेंद्र कुमार, सोनाराम देवासी, एडवोकेट रमेशकुमार बाजक, प्रकाश कुमार, वेरसीराम डावल, अशोककुमार, जगदीश, सुरेशकुमार दूठवा, भागीरथ मेघवाल, गौतम कुमार, भंवराराम गुड़ामालानी, भजनलाल बेनिवाल, योगेश मेहरा, शैतानाराम पारीक आदि सैकड़ों की संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *