जयपुर (सुरेन्द्र सिंह हरसोलिया)। भारतीय संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक, भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती महोत्सव धीरावत पैराडाइज, नांगल जैसा बोहरा में मुख्य अतिथि पूर्व भू-भौतिकी वैज्ञानिक, विचारक एवं लेखक हरदान हर्ष ने कहा कि समाज के वंचित वर्गों, महिलाओं, कामगारों और आम नागरिकों को अधिकार दिलाने के लिए डॉ. अंबेडकर ने अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि देश में पूंजीवाद से जीतने के लिए व्यवसाय को अपनाना आवश्यक है। सरकारी सेवा के अलावा भी संभावनाएं तलाशना जरूरी है।

अध्यक्षता कर रहे कैप्टन बंशीधर रांगेरा ने कहा कि एससी जाति के छात्र-छात्राओं की छात्रवृति योजना में माता-पिता की वर्षों पुरानी ढाई लाख रूपए सालाना आय सीमा को अब बढ़ाने की महत्ती आवश्यकता है।
विशिष्ट अतिथि पुलिस उप अधीक्षक सोन चंद लाडना ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धातों को अपनाने पर बल दिया।
यूको बैंक के पूर्व डीजीएम ओम प्रकाश वर्मा ने अपने उद्बोधन में बालक-बालिकाओं की शिक्षा पर निवेश को जरूरी बताया
एससी-एसटी-ओबीसी अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अशोक सामरिया ने कहा कि शिक्षा से पहले संस्कार, व्यापार से पहले व्यवहार और ईश्वर से पहले माता-पिता का सम्मान करने की परंपरा जरूरी है।
वंचित समाज परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व संयुक्त शासन सचिव-वित्त इंद्रराज सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
संस्था संयोजक आर.एम. बुनकर ने कहा कि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर केवल दलितों के ही मसीहा नही थे, बल्कि वे हर समाज, हर जाति के वंचितों, पिछड़ों, मजदूरों के भी मसीहा थे। उनको केवल दलितों तक सीमित करना, उनके विशाल मानवतावादी दृष्टिकोण के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने अपने जीवन में घोर अपमान, शोषण, उत्पीड़न, तिरस्कार और भयंकर जाति भेद का सामना किया, लेकिन कभी भी इसे बदले की भावना से नही देखा। डॉ. अंबेडकर को आंसुओं का अहसास था जरूर, मगर उनका किरदार बहुत ऊंचा था। इसलिए उन्होंने निष्पक्ष और न्यायसंगत संविधान की रचना की। डॉ. अंबेडकर के विचारों की गूंज आज भी ब्रह्मांड और सृष्टि में विद्यमान है जो शताब्दियों तक रहेगी।
इससे पूर्व अतिथियों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र के समक्ष द्वीप प्रज्जवलित एवं पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सभी अतिथियों का संस्था के पदाधिकारियों द्वारा माल, साफा पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।
संस्था के महासचिव बाबूलाल भाटी ने संस्था का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया और संस्था के मूल उद्देश्य एवं लक्ष्यों पर प्रकाश डाला।
वरिष्ठ नागरिकों में भूरामल, दुर्गालाल भाटी, बंशीधर रांगेरा, साधुराम दानोदिया, रघुनाथ प्रसाद गोठवाल, रमेशचंद आर्य, हनुमान प्रसाद डोई, सुवालाल बरवड़, नाथूराम बूंदवाल, जगदीश कैरवाल, महादेव भाटी, लट्टूराम, बाबूलाल खींची का सम्मान किया। साथ ही विकास नगर नागरिक समन्वय समिति अध्यक्ष सोमेश्वर कुमार मिश्रा, पूर्व कोषाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, रियल एस्टेट कारोबारी सुनील चौधरी, डॉ. भीमराव अंबेडकर विचार मंच समिति (रजि) के अध्यक्ष बद्री नारायण वर्मा, समाज सेवी संस्था (रजि.) के महासचिव एडवोकेट गिरधारी लाल चौहान, बलाई विकास समिति जयपुर (मुख्यालय-चौमूं) के महासचिव सुरेन्द्र सिंह हरसोलिया, डॉ. जे.पी. बुनकर, बाबू लाल भाटी, धर्मपाल ढीकवाल, ओमप्रकाश बडगूजर, यादराम आर्य, पूर्व अध्यक्ष रोहिताश वर्मा, देवदत्त छाछीया, सुरेश भाटी, राजेश वर्मा, होशियार सिंह, छोटेलाल बुनकर, सत्यवीर सिंह आर्य, डॉ. सुनील गोठवाल, सोनचंद लाड़ना, हरिसिंह लाडना, लक्ष्मी नारायण, सुभाषचंद दानोदिया, दानाराम, पूर्व प्रधानाचार्य जैसाराम, श्यामलाल सूठवाल, आनंदीलाल भाटी, जगदीश कैरवाल, बाबूलाल वर्मा, महेंद्र कुमार रांगेरा, मैहरचंद बबेरवाल, बनवारीलाल अटल, ओमप्रकाश चोपड़ा, सत्येंद्र आर्य, गजेंद्रसिंह डूमोलिया, ओमप्रकाश भाटी, रामेश्वर प्रसाद, भगवान सहाय वर्मा, लालचंद भाटिया, अशोक कुमार आर्य, एडवोकेट बजरंग लाल मौखरिया, एडवोकेट श्रवण कुमार बूड़गायां, सुरेश कुमार, मनीराम ढीकवाल, सुरेश कुमार लाडना, रघुवीर नारवारा, भैरूराम, प्रेमप्रकाश बागोटिया, ओमप्रकाश नूनवाल, पूर्व अध्यक्ष बाबूलाल खींची, लक्ष्मी नारायण डूचाणिया आदि का माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
नारी शक्ति संतोष बुनकर, मंजू भाटी, आशा देवी, कमलेश, ज्योति कुमारी का स्मृतिचिन्ह देकर सम्मान किया।
ज्योतिबा फूले द्वारा लिखी गई पुस्तक “ग़ुलाम गिरी” का वरिष्ठ लेखक व साहित्यकार, मुख्य अतिथि हरदान हर्ष द्वारा सरल हिंदी भाषा में लिखा गया है, जिसका मंचासीन अतिथियों द्वारा विमोचन किया।
संस्था द्वारा वर्ष 2025-2026 की बोर्ड परीक्षाओं में 80% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले कक्षा 10वीं के 15 व 12वीं के 5 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रशंसा पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। विगत दो वर्षों के दौरान सरकारी नौकरियों में चयनित होने वाले 5 समाज बंधुओ को भी प्रशंसा पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। आंगनबाड़ी के छोटे-छोटे बच्चों को संस्था द्वारा कॉपी पेंसिल व बैग वितरित किये। 5वीं कक्षा की छात्रा कुमारी रोशनी द्वारा बाबा साहब पर अंग्रेजी में संबोधन किया।
कल्याण सहाय कंडारा एंड पार्टी द्वारा प्रस्तुत भीम वंदना और मनमोहक रंगारंग प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष बस्तीराम वर्मा ने सभी का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।
मंच संचालन कल्याण दत्त वर्मा (केडी) एवं आरएम बुनकर द्वारा संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम के पश्चात संस्था द्वारा भोजन-प्रसादी की व्यवस्था की गई थी।
