राजगढ़ । बालाण निवासी श्रद्धेय पूर्णाराम निमल गुरु जी की सुपुत्री प्रीति का मंगल विवाह झुंझुनू निवासी श्रद्धेय सांवरमल के सुपुत्र सुनिल के साथ बौद्ध रीति-रिवाजों के अनुसार श्रद्धा और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ।
यह मंगल पाणिग्रहण संस्कार भंते विनय पाल द्वारा बुद्ध विहार, जय पहाड़ी के सान्निध्य में सम्पन्न कराया गया। विवाह समारोह में तथागत बुद्ध, परम पूज्य बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा भारतीय संविधान को साक्षी मानकर वर-वधू ने एक-दूसरे को माल्यार्पण किया और संविधान की प्रस्तावना का वाचन करते हुए वैवाहिक जीवन की मंगल शुरुआत की।

इस अवसर पर भंते द्वारा जयमंगल अठगाथा एवं “सब्बे सत्ता सुखी होन्तु” का पाठ करवाया गया, जिससे वातावरण पूर्णतः मंगलमय और आध्यात्मिक हो गया।
समारोह में उपासक अजय कुमार बौद्ध, उपासक धर्मपाल सिंह शीला तथा उपासक गजेंद्र सिंह बौद्ध (उप-प्राचार्य) द्वारा पुष्प वर्षा कर नवदम्पति को आशीर्वाद प्रदान किया गया।
उपस्थित समाजबंधुओं ने नवदम्पति को शुभकामनाएँ देते हुए उनके सुखमय, समृद्ध और मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की।
नवदम्पति को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ।
