चितलवाना। बाल विकास विभाग परियोजना चितलवाना के हाड़ेचा सेक्टर में मेघवालों की ढाणी-3 आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत सहायिका ने मानदेय कटौती को लेकर महिला पर्यवेक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सहायिका के अनुसार वर्ष 2025 के नवंबर-दिसंबर माह के 10 दिन तथा जनवरी 2026 के 10 दिन,इस हिसाब से कुल 20 दिनों का करीब 4 हजार रुपए मानदेय काटा गया,जिसे उसने नियम विरुद्ध बताया हैं।


सहायिका का कहना है कि मानदेय कटौती का कारण पूछने पर पोषण ट्रेकर ऐप का ऑनलाइन संचालन नहीं होना और लाभार्थियों की ई-केवाईसी,एफआरएस एवं ग्रोथ मॉनिटरिंग जैसे कार्य लंबित होना बताया गया। जबकि पोषण ट्रेकर ऐप का ऑनलाइन संचालन केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की आईडी से होता हैं और इस आधार पर सहायिका का मानदेय काटने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं हैं। फिर भी मनमाने नियम बनाकर कार्यकर्ता पर कार्रवाई करने की बजाय अल्प मानदेय में कार्य कर रही सहायिका को टारगेट किया गया।

15 दिन का ओर मानदेय कटौती की महिला पर्यवेक्षक ने दी चेतावनी।

महिला पर्यवेक्षक पवन कुमारी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से 15 दिनों का ओर मानदेय काटने की चेतावनी दी गई। साथ ही पिछले कुछ महीनों से पोषण ट्रेकर से जुड़े कार्यों को लेकर उस पर दबाव बनाए जाने तथा भेदभावपूर्ण व्यवहार किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
सहायिका द्वारा इस संबंध में राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई हैं। शिकायत के बाद 25 मार्च 2026 को महिला पर्यवेक्षक की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से सहायिका को कारण बताओ नोटिस भेजा गया हैं। वहीं,सहायिका ने कटे हुए मानदेय के भुगतान एवं पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की हैं।

चितलवाना सीडीपीओ ने मांगा महिला पर्यवेक्षक से स्पष्टीकरण :-

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चितलवाना के बाल विकास परियोजना अधिकारी ने महिला पर्यवेक्षक से स्पष्टीकरण मांगा हैं। जारी नोटिस में हाड़ेचा एवं सुथड़ी सेक्टर में कार्मिकों का मानदेय कटौती से जुड़े मामलों की जानकारी तीन दिवस में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी,फिलहाल इस मामले में विभागीय जांच जारी हैं।

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