पुनर्जन्म और भाग्यवाद मानसिक गुलामी की बेड़ियां और सामाजिक षड्यंत्र
प्रस्तावनावैचारिक दासता का मूल आधार”अनत्तो पाकपा निरिस्सरो”यह बुद्ध धम्म और मानवतावादी दर्शन का वह सार है जो उदघोष करता है, कि यह संसार किसी अदृश्य ईश्वर या अलौकिक शक्ति द्वारा…
प्रस्तावनावैचारिक दासता का मूल आधार”अनत्तो पाकपा निरिस्सरो”यह बुद्ध धम्म और मानवतावादी दर्शन का वह सार है जो उदघोष करता है, कि यह संसार किसी अदृश्य ईश्वर या अलौकिक शक्ति द्वारा…
खालिक की रज़ा में रज़ामंदी — समर्पण, विरक्ति और जीवन-अनुभव की पूर्ण आध्यात्मिक यात्रा। *यह शेर केवल दो पंक्तियों का काव्य नहीं, बल्कि जीवन के दीर्घ अनुभवों, टूटनों, साधना और…
भूमिका भारतीय समाज में विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का संबंध माना जाता है। यह रिश्ता भरोसे, सम्मान और आपसी इज्जत (सम्मान) पर टिका होता है।…
*यह पंक्ति केवल शिकायत नहीं, बल्कि जीवनानुभव की कसक है। जब कोई व्यक्ति सलीक़े, सादगी और अदब को अपना जीवन-मंत्र बना लेता है, तो वह यह मानकर चलता है कि…
*वक़्त सबसे महँगा तोहफ़ा इसलिए है क्योंकि इसे न खरीदा जा सकता है, न संजोकर रखा जा सकता है। कोई व्यक्ति जब अपना समय हमें देता है, तो वह अपने…
हमारे देश में अब बच्चे केवल जन्म नहीं लेते, बल्कि एक परीक्षा का “अटेम्प्ट” बनकर दुनिया में आते हैं। यह प्रवृत्ति विशेष रूप से अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों के…
आधुनिक बनने की होड़ में मनुष्य का रवैया (व्यवहार) अक्सर संतुलन खो देता है। आज मॉडर्निटी (आधुनिकता) को केवल बाहरी दिखावे से जोड़ दिया गया है, जबकि वास्तविक प्रगति विचारों…
बीकानेर। पंचायत बीदासरिया के मेघवाल समाज के युवाओं ने सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए मृत्यु भोज एवं शराब का सेवन नहीं करने की…
रंग तो लियो हाथों में होली खैलण जावां में।छोटा-मोटा मिलनें होली रों त्योहार मनाया रे।।घर घर में फागण गावां टाबरा ने ढुंढण जावां में।ढोल थाली और संग ऊपर फागण गीत…
“नाम ढूँढता रहा पूरी मेरिट लिस्ट में, आख़िर में सिर्फ़ अपनी कमी मिल गई..!!” यह पंक्ति उस चुभन को व्यक्त करती है जो परिणाम के दिन हर उस अभ्यर्थी को…