हिदूस्तान ऐसे ऐसे लोग होता।
शिश उतार धड़ लड़ता एडां एडां सूरा होता।।
सात द्विप नव खंड में हिंदू स्तान हिन्दू स्तान नाम होता।
नैह स्नेह नैणा में मोकलो सच्चाई रों साथ देता।।

भगत सिंह और सुभाषचंद्र बोस और कहीं कहीं योद्धा होता।
बाल पाल और लाल देश के लिए हंसता हंसता फांसी पर चढ़ जाता।।
सात द्विप नव खंड में हिमालय हिंदुस्तान में होता।
गंगा जमुना और सरस्वती का निर और कहीं नहीं मिलाता।।
पांडवों कौरवौ का इतिहास माहाभारत हिंदू स्तान में ही मिलता।
रामायण मद्भागवत गीता और चार वेद भारत में ही होता।।
राजा हरिश्चंद्र तारामती नार अपनो राज्य दान कर देता।
पुत्र सेल ईया की सिर री सब्जी बनाय मां बाप अतिथि भोजन कराता।।
रावण किया बड़ा काण्ड दुसरे री नारी लै भागा भाई।
रामचंद्र लक्ष्मण और हनुमान ने लंका में आग लगा ई।।
भक्त प्रह्लाद गुरु किया सिरयादे सच्चाई पर अपने बाप से बैर वसाई।
अनिती कारण तारण आया नर सिंह रुप दियो दरसाई।।
सत युग त्रेता युग द्वापर युग और अभी हाले है कलयुग भाई।
चार चार युगों री बाता सूणाउ तब भी नाम था भारत भाई।।
अपनों सभी त्याग सच्चाई ऊपर जान वो देदैता भाई।
आखां अंधा तोई शब्द भैद बाणं चलाता कभी नहीं सुकतो वो भाई।।
मां पन्नाधाय दुसरो रों सुत बसाने केलिए अपनों सुत रों बलिदान कर दिनों भाई।
अकबर दरबार बिरबल हता दुधं रों दुंध और पानीं रों पानीं होता भाई।।
कहे टीकम ढुंढा वाला मै मारे देश रा गुण थोड़ा बताया भाई।।
लेखक।।
टीकमचंद मंशा राम जी।।
आदर्श ढूंढा कवास बाड़मेर राजस्थान।।
फोन 9414972123
