जयपुर। संस्था परिसर नालंदा विहार व शैक्षणिक संस्थान सिरसी रोड जयपुर में आज दिनांक 23 अगस्त 2026 को वरिष्ठ उपासक श्री देवीदत्त बौद्ध का आकस्मिक निधन पर शोक सभा व श्रद्धांजली कार्यक्रम आयोजित हुआ ।

जिसमें रामदैव बौद्ध व मन मोहन वर्मा जी त्रिशरण पंचशील करवा तथा सभी ने मौन के द्वारा प्रकृति में विलिन होने पर व परिवार के लिए सांत्वना व शोक प्रकट किया तथा सभी पुष्प अर्पित किये ।

रघुनाथ बौद्ध ने बताया कि देवीदत्त बौद्ध जी नालंदा फाउंडेशन, मरूधरा के संस्थापक सदस्य थे तथा समय समय पर संस्था को मार्गदर्शन ,सहयोग व पदाधिकारी के रुप में सेवाएं दी । इन्होंने बौद्ध समाज में अपनी अग्रणी भूमिका के रूप में योगदान दिया तथा वे बाबा साहब व बुद्ध की विचारधारा के समता सैनिक दल व अन्य संगठनों में सहयोगी /सहभागी रहे है ।1993 से सक्रिय रुप से मेरे साथ संगठन व पारिवारिक मित्र रहे है । मदन लाल दूदवाल अध्यक्ष ने बताया कि मघुर स्वभाव व मिलनसार सच्चे बौद्ध थे ।
बाबूलाल बौद्ध ने बुद्ध वचन ,गाथा व मृत्यु की सत्यता व जीवन की अनित्यता पर प्रस्तुति थी ।
शिवकुमार बाकोलिया पूर्व उप रजिस्ट्रार सहकारिता , प्रो. प्रवीण मोहित , मान सिह अधिशासी अभियंता , सुरेन्द्र सिंह नारोलिया आदि ने कहा कि बौद्ध समाज की क्षति हुई व उनके कार्य ,व्यवहार याद करेगा । अमित बुद्धप्रिय जो जीवन मे सच्चे व लंबे दोस्त ने भावुक होकर जीवन के और उनके साथ को याद करते हुए व्यक्तिगत ,धम्म की ,समाज की कमी महसूस होना बताया । शोक सभा में सभी पदाधिकारी व गणमान्य लोगों ने श्रद्धांजली दी जिनमे मदन लाल नवल , सूरज मल पालीवाल , जगदीश वर्मा ,आनंद फुलुके ,रामदेव बौद्ध ,एड मुंशीनागरवाल ,देवीसहाय बौद्ध , लाला स्वामी सहित काफी महिलाओं ने श्रदा सुमन से श्रंद्धाजलि दी । संयोजन व संचालन एड. रघुनाथ बौद्ध ने किया ।
