राजगढ़। चूरू घंटाघर के पास रविवार को नायक जनजाति अधिकार सम्मेलन का आयोजन एडवोकेट चन्द्रभान नायक के नेतृत्व में किया गया। सम्मेलन में रतनगढ़ सहित राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से नायक समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए।

सम्मेलन में नायक समाज को अनुसूचित जनजाति (ST) से जुड़े अधिकारों तथा सरकारी अभिलेखों में नायक नाम दर्ज किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के लोगों को सरकारी पोर्टल एवं अभिलेखों में जाति संबंधी प्रविष्टियों को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
समाज के प्रतिनिधियों ने गजट नोटिफिकेशन 1976 के अनुसार एसटी से संबंधित प्रविष्टियों में ‘नायक’ नाम को उचित रूप से दर्ज करने की मांग सरकार के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो समाज लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से बड़े आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ेगा।
सम्मेलन में दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न जिलों से समाज के प्रतिनिधियों के पहुंचने की बात कही गई। रतनगढ़ क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने सम्मेलन में भाग लिया।
कार्यक्रम में नरेंद्र, राकेश नायक,कमलेश गौरीसर सरपंच, कालूराम , संपत लूंछ सरपंच, मनोज हरदेसर , श्याम , अनिल , फतेह पाल , भान, महावीर , रामनिवास हरदेसर, सुरेश हरदेसर, विकास हरदेसर, रामनिवास कुसुमदेसर, श्याम , ओम सहित मेलूसर टीम , नवरतन, शंकरलाल, नरेन्द्र बंडवा टीम तथा उपप्रधान रक्षपाल , राजकुमार कनवारी सहित अनेक समाजबंधु उपस्थित रहे।
सम्मेलन में समाज की एकजुटता, अधिकारों की मांग और भविष्य की रणनीति को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
