बाग मे आग लगायेगा।
आम केसे पायेगा।।

महान है वो जो चुनते है रास्ता सही सही।

रख मत वास्ता नकली से

मत लगा ढक्कन अपने विवेक पर।

मत बढा कदम अभिमान पर
पहचान किमंत स्वंम की।।

परख और जांच
अपनी ऐब और गलतियो को।
मत रखो
भीतर नफ़रत कपट छल
रहो सिधे सरल और विनम्र ।।

करते रहना मन को नियंत्रित ।
करो भलाई पुण्याई नेकी को आमंत्रित ।।

भरना भीतर विचार , खरे सदाचारी।
मिटेगी इसी से बीमारी।।
मिलेगा ज्ञान
सही सोच विचार से।
होगा दर्द समाप्त, सही उपचार से।।

मदन सालवी ओजस्वी
स्वतंत्र लेखक
भारतीय मिशन मिडीया भारत
95888-32673

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