जैसलमेर। समाज में शिक्षा की अलख जगाने वाली महान समाज सुधारक एवं भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर सैनी समाज जैसलमेर द्वारा डेडानसर रोड स्थित सैनी समाज भवन परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित समाजबंधुओं ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत मुक्ति मोर्चा राजस्थान के प्रदेश प्रभारी मा. शिवदानाराम राठौड़ पारेवर ने सावित्रीबाई फुले के चित्र के समक्ष मोमबत्ती प्रज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सावित्रीबाई फुले ने विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा की ज्योति प्रज्वलित कर समाज में समानता, शिक्षा और जागरूकता का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने उपस्थित जनों से उनके विचारों को अपनाकर समाज में शिक्षा और समानता का संदेश फैलाने का आह्वान किया। सैनी समाज के जिलाध्यक्ष रमण लाल ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हमें सावित्रीबाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाकर उन्हें देश का जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाना चाहिए। इस अवसर पर बहुजन क्रांति मोर्चा के जिला संयोजक मालाराम हड्डा ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने समाज सुधार और शिक्षा के लिए अपना घर तक छोड़ दिया।

उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि यदि समाज के उत्थान के लिए त्याग करना पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए। योग गुरु चुन्नीलाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले को राष्ट्रपिता और राष्ट्रमाता का दर्जा देकर उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में भारतीय विद्यार्थी मोर्चा जैसलमेर के संयोजक केशराराम बारूपाल ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में शिक्षा की मशाल जलाई जब शूद्रों और वंचित वर्गों को पढ़ने-लिखने का अधिकार भी नहीं था। उनका संघर्ष और योगदान भारतीय समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सावित्रीबाई फुले के आदर्शों को अपनाने और समाज में शिक्षा, समानता तथा जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
