लेखक (संकलन एवं प्रस्तुति) सोहनलाल सिंगारिया

संस्था प्रधानों, शैक्षिक प्रबंधकों एवं शिक्षकों हेतु आधिकारिक संदर्भ लेख

प्रस्तावना
शैक्षिक समता और सामाजिक न्याय की स्थापना तभी संभव है, जब आर्थिक रूप से विपन्न वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन हेतु उपयुक्त वित्तीय संबल प्राप्त हो।

NMMSS
राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य आर्थिक संकट के कारण कक्षा 8वीं के पश्चात होने वाले ड्रॉप-आउट (विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति)

को रोकना तथा योग्य विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं तक माध्यमिक शिक्षा पूर्ण करने के लिए प्रेरित करना है।

यह लेख विशेष रूप से संस्था-प्रधानों शिक्षाविदों, प्रधानाचार्यों और पीईईओ महोदयान के लिए तैयार किया गया है।

इसमें योजना के तकनीकी नियमों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और अकादमिक प्रबंधन को बिल्कुल स्पष्ट, अकाट्य और त्रुटिहीन भाषा में प्रस्तुत किया गया है, ताकि इसे एक मानक कार्ययोजना के रूप में उपयोग किया जा सके।

  1. योजना का स्वरूप एवं वित्तीय प्रावधान
    यह पूर्णतः केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय पोषित छात्रवृत्ति योजना है, जिसके अंतर्गत चयन परीक्षा के आधार पर योग्य विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

वार्षिक छात्रवृत्ति राशि
₹12,000/- प्रति विद्यार्थी।

भुगतान की आवृत्ति: ₹1,000/- प्रति माह की दर से वार्षिक भुगतान।

योजना की अवधि
कक्षा 9वीं से कक्षा 12वीं तक (लगातार 4 शैक्षणिक सत्र)।

कुल वित्तीय लाभ
एक सफल विद्यार्थी को उसकी संपूर्ण उच्च माध्यमिक शिक्षा के दौरान कुल ₹48,000/- की राशि सीधे उसके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है।

  1. वैधानिक पात्रता के मापदण्ड
    छात्रवृत्ति परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित निम्नलिखित वैधानिक शर्तों को पूर्ण करना अनिवार्य है

विद्यालय की श्रेणी
विद्यार्थी केवल राजकीय, स्थानीय निकाय (Local Body) द्वारा संचालित, अथवा राजकीय सहायता प्राप्त (Aided) विद्यालयों का ही नियमित छात्र होना चाहिए।

अपात्र विद्यालय
केंद्रीय विद्यालय , जवाहर नवोदय विद्यालय , सैनिक स्कूल, पूर्णतः निजी विद्यालय, तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जैसे राजकीय आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थी इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं हैं।

वर्तमान कक्षा स्थिति
विद्यार्थी वर्तमान शैक्षणिक सत्र में कक्षा 8वीं में नियमित रूप से नामांकित और अध्ययनरत होना चाहिए।

कक्षा 7वीं में न्यूनतम प्राप्तांक विद्यार्थी ने कक्षा 7वीं की परीक्षा न्यूनतम 55% अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो। अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम अंकों में 5% की छूट निर्धारित है, अर्थात उनके लिए न्यूनतम 50% अंक अनिवार्य हैं।

पारिवारिक आय सीमा
विद्यार्थी के माता-पिता अथवा विधिक अभिभावक की समस्त स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹3,50,000/- (तीन लाख पचास हजार रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए।

  1. अनिवार्य दस्तावेज एवं निर्धारित परीक्षा शुल्क
    ऑनलाइन आवेदन की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय स्तर पर निम्नलिखित दस्तावेजों का संकलन और सत्यापन आवश्यक है

आवश्यक दस्तावेज
कक्षा 7वीं की मूल अंकतालिका (न्यूनतम अंकों की पात्रता की जांच हेतु)।

सत्रानुकूल आय प्रमाण पत्र
(सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित एवं नोटरीकृत प्रारूप में)।

सक्षम स्तर से जारी जाति प्रमाण पत्र (SC, ST, OBC, EWS श्रेणी के अंतर्गत नियमानुसार आरक्षण का लाभ प्राप्त करने हेतु)।

दिव्यांगता प्रमाण पत्र
(न्यूनतम 40% या अधिक दिव्यांगता होने पर, चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी)।

छात्र का आधार कार्ड
(आधार कार्ड में अंकित छात्र का नाम, पिता का नाम और जन्म तिथि विद्यालय के स्कॉलर रजिस्टर/शाला दर्पण के रिकॉर्ड से पूर्णतः मेल खानी चाहिए)।

छात्र का एकल बैंक खाता पासबुक (बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए तथा अनिवार्य रूप से छात्र के आधार नंबर से संबद्ध यानी ‘सीडेड’ होना चाहिए)।

निर्धारित परीक्षा शुल्क
सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं EWS श्रेणी: ₹50/-

अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST)
श्रेणी: ₹30/-

विशेष योग्यजन (दिव्यांग) विद्यार्थी: शुल्क से पूर्णतः मुक्त।

  1. विज्ञप्ति, समयावधि एवं आवेदन की तकनीकी प्रक्रिया
    विज्ञप्ति प्रकाशन
    राजस्थान में इस परीक्षा की आधिकारिक विज्ञप्ति प्रतिवर्ष अगस्त से सितंबर माह के मध्य राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उदयपुर द्वारा जारी की जाती है।

आवेदन की अवधि
विज्ञप्ति प्रकाशन के पश्चात ऑनलाइन आवेदन हेतु सामान्यतः 20 से 30 दिवस का समय प्रदान किया जाता है।

परीक्षा का आयोजन
यह लिखित चयन परीक्षा प्रतिवर्ष नवंबर अथवा दिसंबर माह में आयोजित की जाती है।

आवेदन की चरणबद्ध प्रक्रिया

यह प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल है और विद्यालय प्रशासन की देखरेख में संपन्न होती है, विद्यार्थी स्वयं व्यक्तिगत रूप से आवेदन नहीं कर सकते। आवेदन संबंधित विद्यालय के शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से स्कूल लॉगिन आईडी द्वारा ही किया जाता है।

संस्था प्रधान विद्यार्थी के कक्षा 7वीं के अंक, जाति, आय और आधार डेटा का विद्यालय रिकॉर्ड से मिलान कर उसे ऑनलाइन सत्यापित (Verify) करेंगे।

निर्धारित परीक्षा शुल्क का भुगतान भी शाला दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध पेमेंट गेटवे के माध्यम से ऑनलाइन (Net Banking/UPI/Debit Card) ही किया जाएगा।

  1. परीक्षा केंद्रों का निर्धारण (Exam Centers)
    परीक्षार्थियों की भौगोलिक सुगमता को ध्यान में रखते हुए इस परीक्षा के केंद्र प्रत्येक ब्लॉक स्तर (Block Level) पर स्थापित किए जाते हैं। सामान्यतः ब्लॉक मुख्यालय के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ती।
  2. परीक्षा की संरचना, अंक विभाजन एवं पाठ्यक्रम
    NMMSS चयन परीक्षा पूर्णतः वस्तुनिष्ठ और बहुविकल्पीय (Objective/MCQs) प्रश्नों पर आधारित होती है।

परीक्षा में उत्तर अंकित करने के लिए ओएमआर (OMR) शीट प्रदान की जाती है।

इस परीक्षा में ऋणात्मक अंकन (Negative Marking) का प्रावधान नहीं है, अर्थात गलत उत्तर देने पर अंक नहीं काटे जाते।

यह परीक्षा एक ही दिन में दो सत्रों में आयोजित की जाती है।

इसकी संरचना और अंक विभाजन निम्नलिखित तालिका के अनुसार है

परीक्षा का भाग
विषय क्षेत्र
कुल प्रश्नों की संख्या
कुल आवंटित अंक
समयावधि

भाग – 1 (MAT)
मानसिक योग्यता परीक्षा (Mental Ability Test)
90 प्रश्न
90 अंक
90 मिनट (1.5 घंटा)

भाग – 2 (SAT)
शैक्षिक योग्यता परीक्षा (Scholastic Aptitude Test)
90 प्रश्न
90 अंक
90 मिनट (1.5 घंटा)

विस्तृत पाठ्यक्रम (Detailed Syllabus):
भाग – 1: मानसिक योग्यता परीक्षा (MAT)
यह भाग विद्यार्थी की तार्किक क्षमता, विश्लेषणात्मक कौशल और स्थानिक समझ का मूल्यांकन करता है। इसका कोई विशिष्ट पाठ्यपुस्तकीय पाठ्यक्रम नहीं होता।

इसके अंतर्गत मुख्य रूप से निम्नलिखित घटकों से प्रश्न पूछे जाते हैं

श्रृंखला परीक्षण (Series Test): अंक, अक्षर या आकृतियों के अनुक्रम को पूर्ण करना।

सादृश्यता (Analogy): दिए गए दो तथ्यों के मध्य अंतर्संबंधों को समझकर समान तार्किक संबंध स्थापित करना।

वर्गीकरण (Classification)
चार विकल्पों में से असंगत या भिन्न विकल्प की पहचान करना।

कोडिंग-डिकोडिंग (Coding-Decoding): सांकेतिक भाषा में लिखे संदेशों का विश्लेषण और उनका अर्थ निकालना।

दिशा ज्ञान (Direction Sense): दिशाओं के विन्यास और सापेक्षिक दूरी की गणना पर आधारित प्रश्न।

वेन आरेख (Venn Diagrams): विभिन्न तार्किक समूहों के अंतर्संबंधों को ज्यामितीय आकृतियों द्वारा प्रदर्शित करना।

अशाब्दिक तर्कशक्ति (Non-Verbal Reasoning): दर्पण प्रतिबिंब, जल प्रतिबिंब, लुप्त आकृतियां और कागज़ को मोड़ने/काटने से संबंधित चित्रात्मक प्रश्न।

भाग – 2: शैक्षिक योग्यता परीक्षा (SAT)

यह भाग पूर्णतः अकादमिक पाठ्यक्रम पर आधारित है।

इसमें कक्षा 7वीं और कक्षा 8वीं के राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित (NCERT) पाठ्यक्रम से प्रश्न पूछे जाते हैं।

विषयों का वर्गीकरण इस प्रकार है
विज्ञान (35 प्रश्न)
भौतिक विज्ञान
(बल, गति, प्रकाश, ध्वनि, विद्युत धारा), रसायन विज्ञान (पदार्थ की अवस्थाएं, धातु-अधातु, अम्ल-क्षारक-लवण, कृत्रिम रेशे)

जीव विज्ञान
(पादपों एवं जंतुओं में पोषण, श्वसन, सूक्ष्मजीव, कोशिका संरचना, फसल प्रबंधन)।

सामाजिक विज्ञान (35 प्रश्न): इतिहास
(आधुनिक भारत का इतिहास, राष्ट्रीय आंदोलन, हमारे अतीत),

भूगोल
(संसाधन, कृषि, उद्योग, मानव संसाधन, भारत एवं राजस्थान का भूगोल)

राजनीतिक विज्ञान
(भारतीय संविधान, संसदीय व्यवस्था, मौलिक अधिकार, न्यायपालिका, धर्मनिरपेक्षता)।

गणित (20 प्रश्न)
परिमेय संख्याएं, एक चर वाले रैखिक समीकरण, चतुर्भुजों की समझ, वर्ग और वर्गमूल, घन और घनमूल, घातांक और घात, वाणिज्यिक गणित (प्रतिशतता, लाभ-भर्त्स्य, साधारण एवं चक्रवृद्धि ब्याज), तथा ज्यामिति (रेखाएं, कोण एवं त्रिभुज)।

  1. न्यूनतम अर्हता अंक बनाम अंतिम मेरिट सूची (Qualifying vs Merit)

यह बिंदु प्रशासनिक दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।

अर्हता अंक (Passing Marks) और मेरिट सूची (Merit List) के अंतर को समझना आवश्यक है।

न्यूनतम अर्हता अंक
(Qualifying Marks):
परीक्षा में सफल घोषित होने के लिए विद्यार्थी को दोनों प्रश्न पत्रों (MAT + SAT) के प्राप्तांकों को मिलाकर न्यूनतम प्रतिशत प्राप्त करना अनिवार्य है

सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) एवं EWS श्रेणी: न्यूनतम 40% एग्रीगेट अंक (अर्थात 180 में से न्यूनतम 72 अंक)।

SC, ST एवं विशेष योग्यजन (दिव्यांग) श्रेणी: न्यूनतम 32% एग्रीगेट अंक (अर्थात 180 में से न्यूनतम 58 अंक)।

जिलेवार कोटा एवं मेरिट निर्धारण (Quota & Merit System):
राज्यवार कोटे का निर्धारण: भारत सरकार द्वारा प्रत्येक राज्य के लिए चयनित विद्यार्थियों की एक अधिकतम संख्या
(सीट कोटा) निर्धारित की जाती है।

राजस्थान राज्य के लिए कुल आवंटित कोटा 5,471 सीटें हैं।

जिलेवार सीटों का आवंटन: राजस्थान सरकार इस कुल कोटे (5,471) को राज्य के सभी जिलों की छात्र जनसंख्या के अनुपात में जिलेवार विभाजित करती है।

आरक्षण का अनुप्रयोग
मेरिट सूची तैयार करते समय राज्य के प्रचलित आरक्षण नियमों (SC, ST, OBC, EWS, MBC एवं दिव्यांग) को कड़ाई से लागू किया जाता है।

अंतिम चयन
न्यूनतम अर्हता अंक (40% या 32%) प्राप्त करना छात्रवृत्ति की गारंटी नहीं है

न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की जिलेवार और श्रेणीवार एक योग्यता सूची (Merit List) बनाई जाती है।

उस जिले की आवंटित सीटों के अंतर्गत शीर्ष रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ही छात्रवृत्ति हेतु अंतिम रूप से चयनित घोषित किया जाता है।

  1. छात्रवृत्ति निरंतरता के कड़े मापदण्ड (Retention Criteria)
    चयन परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात आगामी कक्षाओं (9वीं से 12वीं) में छात्रवृत्ति की निरंतरता बनाए रखने के लिए निम्नलिखित शर्तों का अक्षरशः पालन अनिवार्य है

संस्थागत निरंतरता
विद्यार्थी का कक्षा 9वीं से 12वीं तक केवल राजकीय या सहायता प्राप्त विद्यालय में ही नियमित अध्ययन जारी रहना चाहिए।

यदि विद्यार्थी इस अवधि में किसी भी समय गैर-सहायता प्राप्त निजी विद्यालय (Private School) में प्रवेश लेता है, तो छात्रवृत्ति तत्काल प्रभाव से स्थाई रूप से बंद कर दी जाएगी

शैक्षणिक प्रदर्शन के नियम:
कक्षा 9वीं: विद्यार्थी को प्रथम प्रयास में न्यूनतम 55% अंकों (SC/ST के लिए 50%) के साथ उत्तीर्ण होकर कक्षा 10वीं में क्रमोन्नत होना आवश्यक है।

कक्षा 10वीं
कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम 60% अंकों (SC/ST के लिए 55%) के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

कक्षा 11वीं
विद्यार्थी को प्रथम प्रयास में न्यूनतम 55% अंकों (SC/ST के लिए 50%) के साथ उत्तीर्ण होकर कक्षा 12वीं में प्रवेश लेना आवश्यक है।

वार्षिक नवीनीकरण
प्रतिवर्ष नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) सक्रिय होने पर विद्यालय प्रशासन के सहयोग से विद्यार्थी को रिन्यूअल फॉर्म ऑनलाइन सबमिट करना होगा।

किसी भी कक्षा में अनुत्तीर्ण (Fail) होने या रिन्यूअल फॉर्म न भरने पर छात्रवृत्ति स्थाई रूप से निरस्त हो जाएगी।

  1. संस्था प्रधान एवं पीईईओ (PEEO) हेतु रणनीतिक कार्ययोजना
    अधीनस्थ विद्यालयों में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और शत-प्रतिशत पात्र बच्चों को लाभान्वित करने के लिए संस्था प्रधान निम्नलिखित प्रशासनिक मॉडल अपनाएं

A. प्रशासनिक एवं संवेदीकरण चरण
अधीनस्थ विद्यालयों के संस्था प्रधानों की बैठक: पीईईओ अपने परिक्षेत्र के समस्त राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संस्था प्रधानों की बैठक आयोजित कर उन्हें इस योजना के लक्ष्यों से अवगत कराएं।

पात्र विद्यार्थियों का चिन्हांकन: जुलाई माह में ही शाला दर्पण पोर्टल और कक्षा 7वीं के परीक्षा रजिस्टर की सहायता से उन सभी विद्यार्थियों की सूची तैयार कर ली जाए जो 55% या 50% की शर्त पूरी करते हैं।

अभिभावक संपर्क एवं दस्तावेज़ मासिक एसएमसी (SMC) बैठकों के माध्यम से अभिभावकों को आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र समय पर (अगस्त माह से पूर्व) तैयार करवाने हेतु पाबंद किया जाए।

डेटा शुद्धता
सुनिश्चित किया जाए कि छात्र के विद्यालय रिकॉर्ड (SR Register) तथा उसके आधार कार्ड के विवरण में कोई विसंगति न हो।

यदि त्रुटि हो, तो उसका सुधार जुलाई माह में ही करवा लिया जाए।

B. अकादमिक क्रियान्वयन एवं शिक्षण प्रबंधन
NMMSS विशेष कालांश
(Zero Hour): प्रत्येक विद्यालय की दैनिक समय-सारणी में अंतिम 40 मिनट को ‘NMMSS तैयारी सत्र’ के रूप में आरक्षित किया जाए।

इसके लिए विद्यालय के गणित एवं विज्ञान शिक्षकों को प्रभारी बनाया जाए।

तर्कशक्ति (MAT) का दैनिक अभ्यास

चूंकि मानसिक योग्यता का विषय नियमित पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं है, अतः शिक्षक प्रतिदिन ब्लैकबोर्ड पर रीजनिंग के कम से कम 5 से 7 प्रश्नों के शॉर्टकट ट्रिक्स और पैटर्न समझाएं।

“नो बैग डे” का रणनीतिक उपयोग प्रत्येक शनिवार को ‘नो बैग डे’ के दौरान विद्यार्थियों के लिए ओएमआर (OMR) शीट आधारित मॉक टेस्ट आयोजित किए जाएं, जिससे विद्यार्थियों में समय प्रबंधन और गोले काले करने की तकनीकी शुद्धता विकसित हो सके।

विगत वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण: विगत 5 वर्षों के मूल प्रश्न पत्रों को शाला दर्पण या RSCERT की वेबसाइट से डाउनलोड कर उनके सेट तैयार किए जाएं।

अक्टूबर और नवंबर माह में केवल इन प्रश्न पत्रों को हल करने का गहन अभ्यास करवाया जाए।

  1. संभावित पूरक प्रश्न एवं उनके स्पष्ट उत्तर (FAQs)

प्रश्न 1: यदि कोई विद्यार्थी कक्षा 8वीं राजकीय विद्यालय से उत्तीर्ण करता है और कक्षा 9वीं में स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल (KGBV/Model School) में प्रवेश लेता है, तो क्या वह छात्रवृत्ति का पात्र होगा?

उत्तर: नहीं। शिक्षा मंत्रालय के नियमों के अनुसार, केंद्रीय वित्तीय सहायता प्राप्त आवासीय विद्यालयों, मॉडल स्कूलों और नवोदय विद्यालयों के विद्यार्थी इस छात्रवृत्ति के पात्र नहीं हैं, भले ही वे सरकारी तंत्र का हिस्सा हों।

प्रश्न 2: क्या मानसिक योग्यता परीक्षा (MAT) और शैक्षिक योग्यता परीक्षा (SAT) दोनों प्रश्न पत्रों में अलग-अलग न्यूनतम अंक लाना आवश्यक है?
उत्तर: नहीं। अर्हता अंकों की गणना दोनों प्रश्न पत्रों (MAT और SAT) के प्राप्तांकों को जोड़कर एग्रीगेट (Aggregate) रूप से की जाती है।

दोनों में पृथक-पृथक पास होना अनिवार्य नहीं है।

प्रश्न 3: इस सत्र से लागू किए गए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) का छात्रवृत्ति आवेदन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

उत्तर: नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर अब किसी भी छात्रवृत्ति के आवेदन से पूर्व विद्यार्थी का ‘वन टाइम रजिस्ट्रेशन’ (OTR) अनिवार्य है। इस प्रक्रिया से छात्र की एक स्थाई विशिष्ट पहचान संख्या (Unique ID) जनरेट होती है, जिसके बिना छात्रवृत्ति का फ्रेश या रिन्यूअल फॉर्म भरा जाना तकनीकी रूप से असंभव है।

प्रश्न 4: यदि कोई चयनित विद्यार्थी कक्षा 9वीं में 55% से कम अंक प्राप्त करता है, तो क्या वह कक्षा 10वीं में सुधार करके पुनः छात्रवृत्ति प्राप्त कर सकता है?

उत्तर: नहीं। यदि किसी भी शैक्षणिक वर्ष में विद्यार्थी निर्धारित न्यूनतम प्रतिशत (55% या बोर्ड में 60%) प्राप्त करने में असफल रहता है, तो उसकी छात्रवृत्ति योजना की कड़ियां टूट जाती हैं और उसे स्थाई रूप से योजना से बाहर कर दिया जाता है।

प्रश्न 5: क्या यह परीक्षा शुल्क रिफंडेबल (प्रतिदेय) है?
उत्तर: नहीं, परीक्षा के लिए जमा किया गया शुल्क (₹50 या ₹30) किसी भी परिस्थिति में वापस नहीं किया जाता है।

आधिकारिक डिस्क्लेमर (Disclaimer)
यह लेख पूर्णतः प्रामाणिक नियमों, राजकीय निर्देशों एवं विभागीय प्रक्रियाओं के गहन अध्ययन एवम विश्लेषण के आधार पर केवल प्रशासनिक और शैक्षिक मार्गदर्शन हेतु संकलित किया गया है।

यद्यपि नियमों की शुद्धता का पूर्ण ध्यान रखा गया है, तथापि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय तथा राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा पात्रता मापदण्डों, तिथियों, कोटे और शुल्क संरचना में समय-समय पर आंशिक संशोधन किए जा सकते हैं।

अतः किसी भी विधिक या प्रशासनिक निर्णय के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (scholarships.gov.in) एवं RSCERT उदयपुर द्वारा जारी समसामयिक आधिकारिक विज्ञप्ति व दिशा-निर्देशों को ही अंतिम, प्रामाणिक और सर्वमान्य आधार माना जाए।

लेखक (संकलन एवं प्रस्तुति) सोहनलाल सिंगारिया
प्रधानाचार्य एवं पदेन पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भादसी ब्लॉक-बदनोर, जिला-ब्यावर (राजस्थान)_94622-60179

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