डॉ .बी.आर.अम्बेडकर का महिला कल्याण में युगांतकारी योगदान
प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को संपूर्ण विश्व ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ मनाता है। एक शिक्षाविद और सामाजिक चिंतक के नाते मेरा यह दृढ़ मत है कि यह दिन केवल रस्मी उत्सव…
प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को संपूर्ण विश्व ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ मनाता है। एक शिक्षाविद और सामाजिक चिंतक के नाते मेरा यह दृढ़ मत है कि यह दिन केवल रस्मी उत्सव…
भारतीय वाङ्मय और बौद्ध दर्शन में ‘महापुरुष’ की परिकल्पना केवल सत्ता या शक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आंतरिक पवित्रता और बाह्य सौम्यता का अद्भुत संगम है। बौद्ध ग्रंथ…
भारतीय वाङ्मय और बौद्ध दर्शन में ‘महापुरुष’ की परिकल्पना केवल सत्ता या शक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आंतरिक पवित्रता और बाह्य सौम्यता का अद्भुत संगम है। बौद्ध ग्रंथ…
भूमिकाअनुसूचित जाति और जनजाति समाज के अनेक नवयुवक और नवयुवतियाँ अपने स्वभाव से सीधे, सादे और भरोसा करने वाले होते हैं। उनका पालन-पोषण ऐसे वातावरण में होता है जहाँ ईमानदारी,…
जैसलमेर । भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के तत्वावधान में चल रहे चार चरणों के राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन के प्रथम चरण के अंतर्गत शुक्रवार को जिला कलक्टर…
किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून का उद्देश्य केवल व्यवस्था बनाए रखना नहीं बल्कि समाज के सभी वर्गों को न्याय देना होता है। जब कोई सरकार नियमों में बदलाव करती…
बाड़मेर। राजस्थान मेघवाल परिषद बाड़मेर द्वारा समाज के आर्थिक दष्ट्रि से कमजोर छात्रों हेतु संचालित की जा रही अध्ययन गौद योजना में होली मिलन के शुभ अवसर पर चौहटन विद्यायक…
*इतराता रह गया वो अपनी “चालाकियों” पर। उसे लगता रहा कि उसने हर परिस्थिति को अपने पक्ष में मोड़ लिया है। परिवार में, कार्यालय में और समाज में उसने शब्दों…
*जमाना बड़ा अजीब है। यहां धोखा देने वाला भी बड़े सलीके से बात करता है, और उसकी आवाज़ में ऐसा अपनापन घुला होता है कि सुनने वाला उसे अपना हमदर्द…
आधुनिक बनने की होड़ में मनुष्य का रवैया (व्यवहार) अक्सर संतुलन खो देता है। आज मॉडर्निटी (आधुनिकता) को केवल बाहरी दिखावे से जोड़ दिया गया है, जबकि वास्तविक प्रगति विचारों…