Month: January 2026

“डॉक्टर न बन सके? हार मत मानो — **रास्ते हैं, अवसर हैं: *एससी/एसटी छात्रों के लिए सफलता के वैकल्पिक रास्ते।**

भूमिका हिम्मत मत हारो, तुम्हारा ख्वाब (सपना) अभी ज़िंदा है। प्यारे बेटा-बेटियों,अगर आप नीट की परीक्षा पास नहीं कर पाए, मनपसंद पसंद ब्रांच नहीं मिली , कॉलेज नहीं मिला तो…

श्री गुरु रविदास जयंती पर प्रदेश कार्य समिति बैठक व भव्य समारोह 1 फरवरी को मेड़ता में

नागौर । श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ राजस्थान के तत्वावधान में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के पावन अवसर पर प्रदेश कार्य समिति की बैठक एवं…

सरदारशहर एसडीएम रामकुमार वर्मा का सम्मानःकर्म भूमि सेवा संस्थान ने किया अभिनंदन, जिला स्तर पर हुए सम्मानित

सरदारशहर । 77 वे गणतंत्र दिवस पर जिला स्तर पर सम्मानित होने के बाद उपंखड अधिकारी रामकुमार वर्मा का कर्म भूमि सेवा संस्थान द्वारा अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन…

“डिग्री का धोखा और हुनर की सच्चाई: एससी–एसटी बच्चों के लिए समय का अलार्म”

भूमिका यह लेख किसी उपदेश या नसीहत (सलाह) की शैली में नहीं, बल्कि एक दर्दभरी गवाही (साक्ष्य) के रूप में लिखा गया है। यह उन अनुसूचित जाति और जनजाति समाज…

मरणोपरान्त दो को दी रोशनी एवं एम्स जोधपुर में शौध हेतु देहदानशिक्षा के क्षेत्र में 150000 रुपये देने की घोषणा-

जोधपुर- कुड़ी भगतासनी हाउसिग बोर्ड निवासी वर्षा रानी का पिछली 11 जनवरी को अहमदाबाद के निजि अस्पताल में इलाज के दौरान देहान्त हो गया था। जहाँ परिजनों नें सहमति देते…

जाति नहीं, काबिलियत चलेगी: मर्चेंट नेवी में SC/ST युवाओं के लिए सुनहरा मौका”

भूमिका समंदर सिर्फ़ लहरों और जहाज़ों का नाम नहीं है, बल्कि यह तिजारत (व्यापार), रोज़गार और राष्ट्र की रीढ़ भी है। भारत सरकार ने वर्ष 2047 तक मैरीटाइम इंडस्ट्री में…

पृथक निर्वाचन से आरक्षण तक : बहुजन समाज की ऐतिहासिक कुर्बानी की अनकही दास्तान!!

भूमिका भारत का लोकतंत्र केवल वोट से नहीं, बल्कि वॉयस (आवाज़) से जीवित रहता है। यह लोकतंत्र तभी सार्थक होता है, जब समाज के हर वर्ग को अपनी बात कहने…

डॉ अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी चुरू के जिलाध्यक्ष चिरानिया, सचिव हटवाल को मनोनीत

जयपुर। डॉ. अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी राजस्थान, जयपुर की केंद्रीय कार्यसमिति के चुनाव 04 जनवरी को संपन्न हुए तथा 06 जनवरी को मतगणना के पश्चात जे. पी. विमल IAS (Rid.),…

झण्डों और पदयात्राओं का सच : आस्था, अभाव और व्यवस्था की विफलता

भारत की मिट्टी में आस्था (यक़ीन) और अंधविश्वास (ख़ाम-ख़याली) की जड़ें गहरी हैं। गाँव की पगडंडी से लेकर शहर की चौड़ी सड़क तक, आज भी झंडा उठाए, पचरंगे कपड़े पहने,…