सरदारशहर। राजस्थान के कद्दावर नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के पैतृक गाँव हरपालसर में आध्यात्मिक उत्सव का आगाज हो गया है। यहाँ आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं नानी बाई रो मायरो के भव्य शुभारंभ के अवसर पर समूचा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।

कथा के प्रथम दिन ठाकुर जी के मंदिर से कथा स्थल शिव गौशाला तक एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान मंगल गीत गाती महिलाओं और जयकारों के बीच वातावरण पूरी तरह धर्ममय हो गया। गाजे-बाजे के साथ निकली इस यात्रा में स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ अपने पूरे परिवार सहित इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए। कथा स्थल पर राठौड़ ने विधि-विधान से पोथी पूजन और भव्य आरती की। इस दौरान वे पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगे नजर आए।
इस धार्मिक आयोजन में राजनीति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित चेहरों ने शिरकत की। मुख्य रूप से चूरू विधायक हरलाल सारण, भाजपा जिलाध्यक्ष बसंत शर्मा, प्रदेश मंत्री सीताराम लुगरिया, चंद्राराम गुरी, राकेश जांगिड़, वासुदेव चावला, राधेश्याम डोकवेवाला, मधुसूदन राजपुरोहित, राजकरण चौधरी, हँसराज सिद्ध, गुरू धानका, रजत शर्मा सहित जिले के तमाम वरिष्ठ और स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नेता उपस्थित रहे।
ऋषिकेश के बालसंत करेंगे कथा का वाचन
आगामी सात दिनों तक ऋषिकेश से पधारे सुप्रसिद्ध बालसंत भोले बाबा अपने मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगे। कथा के पहले दिन उन्होंने भागवत महात्म्य पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही ‘नानी बाई रो मायरो’ के प्रसंगों के माध्यम से भक्त और भगवान के अनन्य प्रेम का वर्णन किया जाएगा।
