कलावती मेघवाल गुजरात के वाव जिले की बनी जिला उप प्रमुख,माता पिता के पद चिन्हों पर चलते हुवे परिवार एवं बाडमेर मेघवाल समाज का किया नाम रोशन

बाड़मेर – 1970 के दशक में बाडमेर जिला सामाजिक, राजनैतिक एक शिक्षा की द्दस्ट्रि में पूर्ण रूप से बहुत ही पिछडा जिला माना जाता था । शिक्षक ओर जनप्रतिनिधि भी…

“रैंकिंग की चमक या आम नागरिक की जिंदगी का सच – भारत की अर्थव्यवस्था पर बड़ा सवाल ?”

भारत की अर्थव्यवस्था इन दिनों अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रसिद्ध पत्रिका The Economist ने हाल ही में एक विचारोत्तेजक लेख प्रकाशित किया जिसमें कहा गया कि भारत…

दलित स्त्रियों को सदियाँ लगी हैं कुछ बेड़ियों से निजात पाने में, अफ़सोस स्त्रियाँ उलझ गई हैं उटपटांग रील बनाने में?

भूमिका भारतीय समाज के लंबे इतिहास में दलित स्त्रियों की स्थिति अत्यंत पीड़ादायक रही है। उन्हें केवल आर्थिक अभाव ही नहीं बल्कि सामाजिक अपमान, जातिगत भेदभाव और स्त्री होने के…

बलाई विकास समिति जयपुर ने 450 महिलाओं का किया सम्मान

चौमूं (सुरेन्द्र सिंह हरसोलिया)। शहर के मोरीजा रोड बलाई समाज सभा-भवन के सामने रविवार को बलाई विकास समिति जयपुर मुख्यालय-चौमूं के तत्वावधान में महिला सम्मान समारोह आयोजित हुआ। समारोह के…

बलाई विकास समिति जयपुर ने 450 महिलाओं का किया सम्मान

चौमूं (सुरेन्द्र सिंह हरसोलिया)। शहर के मोरीजा रोड बलाई समाज सभा-भवन के सामने रविवार को बलाई विकास समिति जयपुर मुख्यालय-चौमूं की ओर से महिला सम्मान समारोह आयोजित हुआ।समारोह की मुख्य…

“कोई नहीं हैं दुश्मन अपना, फिर भी परेशान हूँ मैं, अपने ही क्यों दे रहे हैं ज़ख्म, इस बात से हैरान हूँ मै!”

भूमिका मानव जीवन में कई बार ऐसा क्षण आता है जब व्यक्ति यह सोचने लगता है कि उसकी परेशानियों का कारण कोई बाहरी दुश्मन है। लेकिन जब वह गहराई से…

“वंचित के घर में एक बागी बेटा होना चाहिए; जो भीड़ का हिस्सा नहीं, भीड़ की दिशा तय करे!”

भूमिका समाज की प्रगति तभी संभव होती है जब वंचित वर्ग से भी ऐसे युवा निकलें जो केवल भीड़ के पीछे चलने वाले न हों बल्कि नई दिशा देने का…

मातृ शक्ति के उत्थान के लिए राज्य सरकार सदैव तत्पर – विधायक भाटी

प्रोत्साहन योजनाओं से महिलाओं एवं बालिकाओं का हो रहा सशक्तिकरण जैसलमेर । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-2026 के अवसर पर जिला मुख्यालय पर भव्य जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का…

“न नौकरी, न कारोबार—बस मैनेजमेंट सीखिए और थोड़ा तमाशा कीजिए, महंगाई खुद हार जाएगी।”

आजकल देश में महंगाई का ऐसा दौर चल रहा है कि आम आदमी की जेब और दिल दोनों हल्के होते जा रहे हैं। सब्ज़ी से लेकर गैस सिलेंडर तक हर…