“हस्ताक्षर मिट जाते हैं समय की धूल में, पर सच्चा प्रेम चेतना पर शाश्वत अंकन करता है!”
“याद रहे… प्रेम अनपढ़ है, ये हस्ताक्षर नहीं करता, छाप छोड़ता है।” यह पंक्ति प्रेम की उस मौलिक प्रकृति को उजागर करती है, जो औपचारिकताओं से परे है। प्रेम किसी…
“याद रहे… प्रेम अनपढ़ है, ये हस्ताक्षर नहीं करता, छाप छोड़ता है।” यह पंक्ति प्रेम की उस मौलिक प्रकृति को उजागर करती है, जो औपचारिकताओं से परे है। प्रेम किसी…
(अनुसूचित जाति–जनजाति समाज के संदर्भ में) “जमाना बड़ा अजीब है यहां धोखा देने वाला भी बड़े तहज़ीब से बात करता है…।” अनुसूचित जाति और जनजाति समाज भारत की सबसे श्रमशील,…
बेवजह परेशान होना छोड़ दे, ए जिंदगीआज का जीवन तेजी और तनाव से भरा है। हर व्यक्ति भविष्य की चिंता, डर और असुरक्षा से गुजरता है। कभी अतीत की यादें…
इंसान खिलौना है समय की मुट्ठी में कैद! 1:जीवन का सबसे बड़ा सच यह है कि इंसान समय के जाल में फँसा हुआ है। वह अपने जीवन के अधिकांश क्षणों…
गरीब को इश्क़ (प्यार) हुआ है, और यह इश्क़ केवल दिल का नहीं, बल्कि आत्मा का है। इस इश्क़ में वह माशूक़ (प्रिय) नहीं, बल्कि परवरदिगार है। उसकी आँखों में…
काग़ज़ निर्जीव है। उसमें न धड़कन है, न आँसू, न कोई आवाज़। फिर भी वही काग़ज़ कभी किसी के चेहरे पर मुस्कान ला देता है, तो कभी किसी की आँखों…
*यह शेर पहली नज़र में एक प्रेमी की बेचैनी जैसा प्रतीत होता है, लेकिन इसकी परतें कहीं अधिक गहरी हैं। यहाँ केवल प्रेम की तड़प नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु…
*यह पंक्ति पहली नज़र में किताबों के विरुद्ध एक विद्रोह-सी लगती है। मानो जीवन का सारा ज्ञान पुस्तकालयों में नहीं, बल्कि पथरीली राहों पर बिखरा पड़ा हो। पर जब हम…
यह एक अत्यंत गंभीर और बहुआयामी विषय है, भारतीय समाज का इतिहास केवल राजाओं और युद्धों का इतिहास नहीं है, बल्कि यह विचारों के टकराव, व्यवस्था के निर्माण और उस…
प्रस्तावनावैचारिक दासता का मूल आधार”अनत्तो पाकपा निरिस्सरो”यह बुद्ध धम्म और मानवतावादी दर्शन का वह सार है जो उदघोष करता है, कि यह संसार किसी अदृश्य ईश्वर या अलौकिक शक्ति द्वारा…