Category: Poem’s JHN

दीवाली : कवियत्री- श्रीमती शकुन जिन्दल

• जागो हुक्मरान न्यूज़ -: दीवाली :- अतिशुभ मंगलमय दिवाली,दीपों की बारात दिवाली।सबके घर लाये खुशहाली,हर्ष, उल्लास, उमंगों वाली। झाड़ू-पोंछा, रंग-रोगन वाली,लीप पोत मांडी रंगोली,।जगमग सज-धज हो निराली,होड़ लगी सुंदरता…

‘मेरे घर भी आई दिवाली’: डॉ गुलाब चन्द जिन्दल

• जागो हुक्मरान न्यूज़ – मेरे घर भी आई दिवाली – मेरे घर भी आई दिवाली,धूम-धड़ाका लाई दिवाली।रंग-बिरंगी आई दिवाली,घर-घर में लाई खुशहाली।। मम्मी ने भी पहन ही डाली,आज वो…

काव्य रचना – “360° वाले भ्रष्टाचारी”

• जागो हुक्मरान न्यूज़ 360° वाले भ्रष्टाचारी पैसे खाने वाला सीधा दिखता है, भ्रष्टाचारी!जबकि अनेक रूपों में घूमता हैं, भ्रष्टाचारी!! पैसों से भी अनमोल समय है, विद्यार्थी और गरीब का!अनमोल…